5% डिविडेंड यील्ड, 21% टूट चुका शेयर, क्या ITC में छिपा है लंबी कमाई का बड़ा मौका?

ITC को ज्यादातर लोग सिगरेट कारोबार के लिए जानते हैं, लेकिन अब कंपनी का कारोबार सिर्फ इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं है. FMCG, कृषि, पेपर और पैकेजिंग जैसे कई क्षेत्रों में इसकी मजबूत मौजूदगी है. कंपनी के पास बड़ी मात्रा में नकदी है और वह अपने मुनाफे का बड़ा हिस्सा निवेशकों को डिविडेंड के रूप में लौटाती है.

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ITC: भारत में जब भी डिविडेंड देने वाली कंपनियों की बात होती है, तो सबसे पहले जिन नामों का जिक्र होता है, उनमें ITC Limited भी शामिल है. यह कंपनी लंबे समय से अपने निवेशकों को अच्छा डिविडेंड देती रही है. यही वजह है कि नियमित आय चाहने वाले निवेशकों के बीच ITC की खास पहचान बनी हुई है.

हालांकि ITC को ज्यादातर लोग सिगरेट कारोबार के लिए जानते हैं, लेकिन अब कंपनी का कारोबार सिर्फ इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं है. FMCG, कृषि, पेपर और पैकेजिंग जैसे कई क्षेत्रों में इसकी मजबूत मौजूदगी है. कंपनी के पास बड़ी मात्रा में नकदी है और वह अपने मुनाफे का बड़ा हिस्सा निवेशकों को डिविडेंड के रूप में लौटाती है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ITC आज भी भारत के सबसे मजबूत डिविडेंड शेयरों में से एक है?

ITC का कारोबार कितना बड़ा है

ITC का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. कंपनी सिगरेट, पैकेज्ड फूड, पर्सनल केयर प्रोडक्ट, स्टेशनरी, कृषि उत्पाद, पेपरबोर्ड और पैकेजिंग का कारोबार करती है. कंपनी का FMCG कारोबार तेजी से बढ़ रहा है.

वहीं कृषि कारोबार कंपनी को कच्चा माल उपलब्ध कराने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी देता है. इसके अलावा कंपनी का पेपर और पैकेजिंग कारोबार भी उसकी कमाई में महत्वपूर्ण योगदान देता है.

सिगरेट कारोबार अब भी सबसे बड़ा आधार

  • ITC की कुल बिक्री में सबसे बड़ा योगदान सिगरेट कारोबार का है.
  • कंपनी की कुल आय का करीब 44 प्रतिशत हिस्सा इसी से आता है.
  • वहीं FMCG कारोबार करीब 30 प्रतिशत, कृषि कारोबार 16 प्रतिशत और पेपर व पैकेजिंग कारोबार लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है.
  • इससे साफ है कि कंपनी ने अपने कारोबार को काफी हद तक विविध बनाया है.

वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत

ITC का बाजार पूंजीकरण करीब 3.61 लाख करोड़ रुपये है. पिछले पांच वर्षों में कंपनी का शुद्ध मुनाफा औसतन 10 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 21,018 करोड़ रुपये पहुंच गया. इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 10.3 प्रतिशत बढ़कर 89,258 करोड़ रुपये हो गई. FMCG और सिगरेट कारोबार ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई.

डिविडेंड निवेशकों के लिए क्यों खास

  • ITC लगातार अपने निवेशकों को बड़ा डिविडेंड देती रही है.
  • FY25 और FY26 में कंपनी ने प्रति शेयर 14.5 रुपये का डिविडेंड दिया.
  • मौजूदा शेयर कीमत के आधार पर इसका डिविडेंड यील्ड करीब 5 प्रतिशत बैठता है, जो कई बड़ी कंपनियों की तुलना में बेहतर माना जाता है.
  • कंपनी अपने मुनाफे का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा डिविडेंड के रूप में बांटती रही है.
  • FY26 में यह आंकड़ा करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गया.

कंपनी के पास है मजबूत नकदी

ITC ने FY26 में करीब 17,095 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो हासिल किया. पूंजीगत खर्च निकालने के बाद कंपनी के पास लगभग 15,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो बचा. यही मजबूत नकदी प्रवाह कंपनी को लगातार डिविडेंड देने में मदद करता है.

चुनौतियां भी हैं मौजूद

हाल ही में सिगरेट पर टैक्स बढ़ने से ITC के मुख्य कारोबार पर दबाव बढ़ा है. इससे अल्पकाल में बिक्री और मांग प्रभावित हो सकती है. हालांकि कंपनी का मानना है कि समय के साथ मांग सामान्य हो जाएगी. साथ ही FMCG और अन्य कारोबार भी कंपनी की आय को सहारा देते रहेंगे. मजबूत नकदी, स्थिर मुनाफा और लगातार डिविडेंड भुगतान की वजह से ITC उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनी रह सकती है जो नियमित आय की तलाश में हैं.

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