Meta के साथ हाथ मिलाते ही Reliance के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार, 2% से ज्यादा भागा स्टॉक; गुजरात बनेगा AI हब

बाजार के जानकारों का मानना है कि AI और डेटा सेंटर कारोबार आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल रह सकते हैं. ऐसे में Meta जैसी वैश्विक टेक कंपनी के साथ रिलायंस की यह साझेदारी कंपनी के डिजिटल और तकनीकी कारोबार को नई दिशा दे सकती है. यही वजह है कि इस घोषणा के बाद निवेशकों ने रिलायंस के शेयर में खरीदारी दिखाई और शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली.

RIL Image Credit: AI Generated

Reliance Industries Ltd (RIL) के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली. Meta Platforms द्वारा रिलायंस के साथ भारत में AI-बेस्ड डेटा सेंटर स्थापित करने की साझेदारी की घोषणा के बाद निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में खूब खरीदारी की. कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 2.26 प्रतिशत चढ़कर 1,298 रुपये तक पहुंच गया. साझेदारी के तहत Reliance Industries गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता का अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित करेगी. इस सुविधा को Meta लीज पर लेगी और भविष्य में जरूरत के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाने का विकल्प भी उसके पास रहेगा.

भारत में Meta का पहला Built-to-Suit डेटा सेंटर

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा कि यह भारत में Meta के लिए विकसित किया जाने वाला पहला Built-to-Suit डेटा सेंटर होगा. कंपनी के अनुसार यह प्रोजेक्ट भारत के वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. Meta इस सुविधा की क्षमता को लीज पर लेगी, जिससे उसकी वैश्विक डेटा और AI जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही रिलायंस और Meta के बीच पहले से मौजूद रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी, जो कनेक्टिविटी, डिजिटल कॉमर्स और AI इनोवेशन जैसे क्षेत्रों तक फैली हुई है.

रिलायंस देगी एंड-टू-एंड सेवाएं

समझौते के तहत रिलायंस डेटा सेंटर के पूरे जीवनचक्र से जुड़ी सेवाएं मुहैया करेगी. इसमें डिजाइन, निर्माण, यूटिलिटी मैनेजमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी सेवाएं शामिल होंगी. कंपनी का कहना है कि इससे रिलायंस भारत में बड़े पैमाने के AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए “सिंगल विंडो सॉल्यूशन प्रोवाइडर” के रूप में उभरेगी.

गुजरात लोकेशन से मिलेंगे कई फायदे

रिलायंस के मुताबिक, जामनगर की रणनीतिक स्थिति इस प्रोजेक्ट के लिए कई अहम फायदे प्रदान करती है. यहां बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर ऑपरेट के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी की उपलब्धता, पर्याप्त जल संसाधन, भारत के पश्चिमी समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशनों की निकटता और जियो का व्यापक फाइबर नेटवर्क मौजूद है.

यह डेटा सेंटर पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी से ऑपरेट होगी. इसकी कूलिंग के लिए समुद्री जल को शुद्ध करके इस्तेमाल किया जाएगा. इससे परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी.

शेयर पर क्यों है नजर?

बाजार के जानकारों का मानना है कि AI और डेटा सेंटर कारोबार आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल रह सकते हैं. ऐसे में Meta जैसी वैश्विक टेक कंपनी के साथ रिलायंस की यह साझेदारी कंपनी के डिजिटल और तकनीकी कारोबार को नई दिशा दे सकती है. यही वजह है कि इस घोषणा के बाद निवेशकों ने रिलायंस के शेयर में खरीदारी दिखाई और शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.