मंदी में भी कमाई का सहारा! मजबूत डिविडेंड देने वाले 5 शेयर जो आपके पोर्टफोलियो को दे सकते हैं स्थिरता; देखें डिटेल्स
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में ऐसे स्टॉक्स निवेशकों को ज्यादा भरोसा देते हैं जो मजबूत कैश फ्लो के साथ नियमित डिविडेंड भी देते हैं. कोल इंडिया, ITC, पावर ग्रिड, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां अपने स्थिर बिजनेस मॉडल और लगातार डिविडेंड भुगतान के कारण लंबे समय के निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं.
Recission Free Dividend Stock: पिछले कुछ वर्षों ने निवेशकों को एक अहम सच्चाई फिर से याद दिलाई है कि शेयर बाजार कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलते. कभी तेज उछाल, तो कभी अचानक गिरावट; कभी वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, तो कभी जियो पॉलिटिकल टेंशन और विदेशी निवेशकों (FII) के अचानक बाहर निकलने जैसी वजहों ने बाजार में तेज उतार-चढ़ाव पैदा किया है. कई बार ऐसा भी देखने को मिला कि जो शेयर एक महीने पहले तक लगातार ऊपर जा रहे थे, वे अगले ही महीने तेजी से करेक्शन का सामना करने लगे.
ऐसे अनिश्चित और अस्थिर माहौल में निवेशकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि उनके पोर्टफोलियो में कुछ ऐसे शेयर भी हों जो स्थिरता प्रदान कर सकें. यानी ऐसे निवेश जहां पूंजी कंपेरिटिवली सुरक्षित रहे और समय के साथ-साथ नियमित इनकम भी मिलती रहे. यही वह जगह है जहां डिविडेंड देने वाले शेयर अहम भूमिका निभाते हैं.
डिविडेंड स्टॉक्स की अहमियत?
डिविडेंड स्टॉक्स अक्सर तेजी के दौर में बहुत ज्यादा चर्चा में नहीं आते, क्योंकि उस समय निवेशकों का ध्यान आमतौर पर हाई-ग्रोथ कंपनियों पर रहता है. लेकिन जब बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और जोखिम उठाने की क्षमता कम होने लगती है, तब इन कंपनियों का महत्व साफ दिखाई देने लगता है. आमतौर पर ये कंपनियां मजबूत कैश फ्लो उत्पन्न करती हैं, संतुलित बैलेंस शीट बनाए रखती हैं और अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में लौटाती हैं. इसी संदर्भ में यहां पांच ऐसी कंपनियों का उल्लेख किया जा रहा है जो स्थिर आय और मजबूत व्यवसाय मॉडल के कारण मंदी के समय भी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती हैं.
कोल इंडिया (Coal India)
इस लिस्ट में सबसे पहले नाम आता है कोल इंडिया का, जो एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी (PSU) है और भारत की सबसे बड़ी कोयला प्रोडक्शन कंपनी मानी जाती है. देश में कुल घरेलू कोयला उत्पादन का लगभग 74 से 79 फीसदी हिस्सा इसी कंपनी से आता है. कोल इंडिया देश के आठ राज्यों में फैली अपनी विशाल खदानों के नेटवर्क के माध्यम से कोयले की खोज, खनन, प्रसंस्करण और वितरण जैसे सभी कार्यों में सक्रिय है. कंपनी के पास ओपनकास्ट, अंडरग्राउंड और मिश्रित प्रकार की खदानें हैं, जिनके जरिए अलग-अलग कैटेगरी के कोयले का प्रोडक्शन किया जाता है.ॉ
डिविडेंड
वर्तमान समय में इस कंपनी का डिविडेंड यील्ड लगभग 5.9 फीसदी के आसपास है, जो इसे इनकम के लिहाज से आकर्षक बनाता है. इसकी सबसे बड़ी मजबूती यह है कि इसके अधिकांश ग्राहक भारत का पावर सेक्टर है, जो कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 80 से 84 फीसदी हिस्सा खरीदता है. कंपनी का वित्तीय ढांचा भी मजबूत है. इसके पास पर्याप्त नकदी भंडार है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.2 से कम बना रहता है, जो कम कर्ज का संकेत देता है. इसके अलावा कंपनी लंबे समय से अपने मुनाफे का 40 से 60 फीसदी हिस्सा डिविडेंड के रूप में वितरित करती रही है.
आईटीसी (ITC)
इस सूची में दूसरा नाम है आईटीसी, जो भारत की एक प्रमुख बहु-क्षेत्रीय यानी डायवर्सिफाइड कंपनी है. यह कंपनी FMCG उत्पादों, पेपर और पैकेजिंग, एग्री-बिजनेस और आईटी सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है. हालांकि कंपनी की इनकम का बड़ा हिस्सा अभी भी सिगरेट कारोबार से आता है, जहां इसका संगठित बाजार में लगभग 75 फीसदी बाजार हिस्सा है. इसके अलावा कंपनी का नॉन-सिगरेट FMCG व्यवसाय भी तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसमें पैकेज्ड फूड, पर्सनल केयर और स्टेशनरी जैसे उत्पाद शामिल हैं.
डिविडेंड
वर्तमान में ITC का डिविडेंड यील्ड लगभग 4.6 फीसदी है. सिगरेट इंडस्ट्री पर अक्सर टैक्स बढ़ोतरी का असर पड़ता है, लेकिन ITC की खासियत यह है कि कंपनी कीमतों में बढ़ोतरी करके उस अतिरिक्त लागत को ग्राहकों पर ट्रांसफर कर देती है. इसके अलावा सिगरेट एक ऐसा उत्पाद है जिसकी मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, जिससे कंपनी की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ता. इसके साथ ही कंपनी का FMCG पोर्टफोलियो भी लगातार मजबूत हो रहा है, जिसमें रोजमर्रा के उपयोग के उत्पाद शामिल हैं. यही कारण है कि कंपनी का नकदी प्रवाह मजबूत रहता है और यह लगातार अपने निवेशकों को डिविडेंड देती रहती है.
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Power Grid)
तीसरे स्थान पर है पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जो देश की प्रमुख बिजली ट्रांसमिशन कंपनी है. इसका मुख्य काम बिजली प्रोडक्शन केंद्रों से बिजली को विभिन्न राज्यों और वितरण कंपनियों तक पहुंचाना है. कंपनी की कुल इनकम का 97 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ट्रांसमिशन बिजनेस से आता है. यह काम एक नियामित टैरिफ मॉडल के तहत होता है, जिसमें कंपनी को अपने निवेश पर निश्चित रिटर्न मिलता है. इस मॉडल के तहत कंपनी को लगभग 15.5 फीसदी का सुनिश्चित रिटर्न ऑन इक्विटी मिलता है, जो इसे स्थिर और अनुमानित आय प्रदान करता है.
डिविडेंड
कंपनी भारत की 84 फीसदी इंटर-रीजनल पावर ट्रांसफर क्षमता का प्रबंधन करती है और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. वर्तमान में इसका डिविडेंड यील्ड लगभग 3 फीसदी है और ऐतिहासिक रूप से कंपनी अपने मुनाफे का लगभग 67 से 68 फीसदी डिविडेंड के रूप में वितरित करती रही है.
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Godrej Consumer Products)
इस सूची में चौथा नाम है गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, जो भारत की प्रमुख FMCG कंपनियों में से एक है और कई उभरते बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति रखती है. कंपनी भारत के अलावा इंडोनेशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है. इसके प्रमुख उत्पादों में घरेलू कीटनाशक, एयर केयर, साबुन, हेयर कलर और पुरुषों के ग्रूमिंग उत्पाद शामिल हैं.
डिविडेंड
वर्तमान में कंपनी का डिविडेंड यील्ड लगभग 2.3 फीसदी है. क्योंकि इसके अधिकांश उत्पाद रोजमर्रा के इस्तेमाल से जुड़े हैं, इसलिए उनकी मांग आर्थिक मंदी के दौरान भी काफी स्थिर रहती है. यही कारण है कि कंपनी के नकदी प्रवाह में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आता. कंपनी के मैनेजमेंट का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत में उसका कारोबार हाई सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ हासिल कर सकता है. इसके साथ ही लागत नियंत्रण और बेहतर मीडिया डील्स के कारण डिविडेंड में भी सुधार होने की उम्मीद है.
हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever)
पांचवां और अंतिम नाम है हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), जो भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनी है. इसके पास 50 से अधिक ब्रांड हैं और यह 15 से ज्यादा उत्पाद श्रेणियों में काम करती है. कंपनी के प्रमुख व्यवसाय चार हिस्सों में विभाजित हैं होम केयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, पर्सनल केयर और फूड्स. HUL की सबसे बड़ी ताकत इसका विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है, जिसके माध्यम से कंपनी देश के लगभग 90 फीसदी घरों तक पहुंचती है और लगभग 90 लाख रिटेल आउटलेट्स से जुड़ी हुई है.
डिविडेंड
वर्तमान में कंपनी का डिविडेंड यील्ड लगभग 2.4 फीसदी है. FMCG सेक्टर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके उत्पाद रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े होते हैं. इसलिए आर्थिक परिस्थितियां कैसी भी हों, इनकी मांग पूरी तरह खत्म नहीं होती. HUL अपने उत्पादों को अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराकर हर इनकम ग्रुप के उपभोक्ताओं को आकर्षित करती है. यही रणनीति इसे कठिन आर्थिक परिस्थितियों में भी स्थिर बनाए रखती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
