चीन को टक्कर देने निकलीं ये 2 भारतीय कंपनियां, 8 गुना बढ़ेगा मार्केट; EV बूम से मिलेगा बूस्ट, रखें नजर

EV, एनर्जी स्टोरेज और AI डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग के चलते ग्लोबल बैटरी केमिकल्स मार्केट 14 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 115 अरब डॉलर पहुंच सकता है. इस अवसर को भुनाने के लिए Sudeep Pharma और Acutaas Chemicals ने बैटरी केमिकल्स कारोबार में बड़ा निवेश किया है.

ग्लोबल बैटरी केमिकल्स मार्केट 14 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 115 अरब डॉलर पहुंच सकता है. Image Credit: money9live

EV Battery Chemicals Stocks: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और AI बेस्ड डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग दुनिया भर में बैटरी इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है. इसी के साथ बैटरी में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है. इंडस्ट्री के जानकार का मानना है कि ग्लोबल बैटरी केमिकल्स मार्केट मौजूदा करीब 14 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 115 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है. इस बढ़ते अवसर को देखते हुए भारत की दो केमिकल कंपनियां Sudeep Pharma और Acutaas Chemicals, चीन के दबदबे वाले बाजार में अपनी जगह बनाने की तैयारी कर रही हैं.

चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश

लिथियम-आयन बैटरियों में इस्तेमाल होने वाले कई अहम केमिकल्स और कच्चे माल की सप्लाई पर चीन का दबदबा है. लेकिन अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों की कंपनियां अब “China Plus One” रणनीति के तहत वैकल्पिक सप्लायर्स तलाश रही हैं. ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन रहा है.

Sudeep Pharma का बड़ा दांव

फार्मा और स्पेशियलिटी इंग्रीडिएंट्स बनाने वाली Sudeep Pharma अब बैटरी केमिकल्स कारोबार में उतर चुकी है. कंपनी की सब्सिडरी Sudeep Advanced Materials गुजरात के दहेज में बैटरी-ग्रेड आयरन फॉस्फेट प्रोडक्शन प्लांट लगा रही है.

कंपनी इस प्रोजेक्ट पर करीब 600 करोड़ रुपये निवेश करेगी. प्लांट को चार चरणों में विकसित किया जाएगा और प्रत्येक चरण में 25,000 मीट्रिक टन प्रोडक्शन कैपेसिटी होगी. 2030 तक कुल क्षमता 1 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने का लक्ष्य है.

42 ग्लोबल कस्टमर से बातचीत

कंपनी के अनुसार, उसके पास दक्षिण कोरिया, जापान, यूरोप, अमेरिका और भारत सहित कई देशों के 42 सक्रिय ग्राहक हैं. जिसमें

  • 22 ग्राहक लैब वैलिडेशन चरण में
  • 14 ग्राहक पायलट स्केल मूल्यांकन में
  • 6 ग्राहक कमर्शियल वैलिडेशन पूरा कर चुके हैं

कंपनी को पहले ही 700 मीट्रिक टन के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिसमें एक प्रमुख भारतीय लिस्टेड कंपनी का 500 मीट्रिक टन का ऑर्डर शामिल है.

2.8 गुना बढ़ सकता है कारोबार

Sudeep Pharma का अनुमान है कि जब उसकी 1 लाख मीट्रिक टन क्षमता पूरी तरह यूज में आ जाएगी, तब बैटरी केमिकल्स कारोबार से 1,600 से 1,800 करोड़ रुपये का एनुअल रेवेन्यू मिल सकता है. अगर तुलना करें तो कंपनी का FY26 रेवेन्यू 642 करोड़ रुपये रहा है. यानी केवल बैटरी केमिकल्स कारोबार ही मौजूदा रेवेन्यू के मुकाबले करीब 2.8 गुना तक पहुंच सकता है.

Acutaas Chemicals

  • दूसरी ओर Acutaas Chemicals बैटरी के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से, यानी इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव्स पर फोकस कर रही है.
  • कंपनी ने भारत का पहला Vinylene Carbonate (VC) और Fluoroethylene Carbonate (FEC) प्रोडक्शन प्लांट शुरू किया है. ये दोनों केमिकल्स बैटरी की परफॉर्मेंस और लाइफ बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

यह भी पढ़ें- NSE के पास 1.8 लाख शेयरहोल्डर्स, वैल्यूएशन का अनुमान ₹5 लाख करोड़; अनलिस्टेड मार्केट में 2000 रुपये पहुंचा शेयर

3 साल की क्षमता पहले से बुक

Acutaas Chemicals ने अपने बैटरी केमिकल्स कारोबार में लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

  • झगड़िया (गुजरात) प्लांट की क्षमता: 2,000 MTPA
  • 5 से अधिक वैश्विक ग्राहकों से मंजूरी
  • अगले 3 वर्षों के लिए पूरी क्षमता सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स से सुरक्षित

इसका मतलब है कि कंपनी को प्रोडक्शन शुरू होने के साथ ही रिवेन्यू मिलने की संभावना है और क्षमता खाली रहने का जोखिम काफी कम है.

10 नए बैटरी केमिकल्स पर काम

Acutaas के पास 10 से अधिक बैटरी केमिकल्स की पाइपलाइन है. कंपनी अपनी रिसर्च एवं डेवलपमेंट (R&D) क्षमता को 10 गुना तक बढ़ा रही है ताकि भविष्य की बैटरी तकनीकों जैसे Sodium-ion और Solid-State Batteries के लिए भी प्रोडक्ट डेवलप किए जा सकें.

वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत

  • FY26 में Acutaas Chemicals का रिवेन्यू 33% बढ़कर 1,339 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट FY25 के 160 करोड़ रुपये से बढ़कर 356 करोड़ रुपये हो गया.
  • दूसरी ओर Sudeep Pharma का FY26 रिवेन्यू 642 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 174 करोड़ रुपये रहा.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.