SC के फैसले से गेमिंग स्टॉक्स में भूचाल…Delta Corp 16% टूटा, इंडस्ट्री पर ₹1.3 लाख करोड़ की GSTदेनदारी?
सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद गेमिंग कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर 28 प्रतिशत GST लगाने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है. इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी माना कि यह टैक्स पिछली तारीख से भी लागू किया जा सकता है.

Gaming Stocks: भारत के ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद गेमिंग कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर 28 प्रतिशत GST लगाने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है. इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी माना कि यह टैक्स पिछली तारीख से भी लागू किया जा सकता है. इस फैसले के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई और गेमिंग कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली.
इस फैसले का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे पूरे ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है. कई कंपनियों पर हजारों करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी आने की संभावना है, जिससे सेक्टर के भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.
Delta Corp और Nazara Tech के शेयर टूटे
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद Delta Corp के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली.
- कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 13 प्रतिशत तक टूट गया.
- वहीं Nazara Technologies के शेयर भी दबाव में रहे और इनमें करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
- निवेशकों को डर है कि बढ़ते टैक्स बोझ का असर कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां सिर्फ बीच की कड़ी यानी इंटरमीडियरी नहीं हैं.
- कोर्ट के अनुसार जब किसी गेम में असली पैसा लगाया जाता है और नतीजा अनिश्चित होता है, तो वह GST कानून के तहत सट्टेबाजी या जुए जैसी श्रेणी में आ सकता है.
- कोर्ट ने यह भी माना कि सरकार द्वारा किए गए कानून संशोधन केवल स्पष्टीकरण के लिए थे, इसलिए उन्हें पिछली तारीख से लागू किया जा सकता है.
विवाद कैसे शुरू हुआ
यह मामला 2023 में शुरू हुआ था, जब GST विभाग ने कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को बड़े टैक्स नोटिस भेजे थे. इनमें Gameskraft समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल थीं. कंपनियों का कहना था कि वे सिर्फ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती हैं और खिलाड़ियों के पैसे पर उनका कोई अधिकार नहीं होता. इसलिए पूरे दांव की राशि पर GST लगाना सही नहीं है. लेकिन सरकार का तर्क था कि असली पैसे से खेले जाने वाले गेम सट्टेबाजी की श्रेणी में आते हैं और उन पर 28 प्रतिशत GST लागू होना चाहिए.
उद्योग पर बढ़ सकता है भारी बोझ
रिपोर्ट के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर कुल GST मांग 91,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. वहीं कैसीनो कारोबार को जोड़ दें तो यह आंकड़ा 1.08 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाता है. कुछ टैक्स विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुल देनदारी 1.3 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है. ऐसे में यह फैसला भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
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