22% से 30% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो, शुगर स्टॉक्स में लौटी तेजी, सरकारी फैसले से चमकी किस्मत!
एथेनॉल मिश्रण का स्तर बढ़ने से चीनी मिलों की एथेनॉल बिक्री में वृद्धि हो सकती है. इससे कंपनियों के लिए एक अतिरिक्त और स्थिर रेवेन्यू सोर्स तैयार होगा. पिछले कुछ वर्षों में सरकार लगातार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है.
Why Sugar Stocks Rally : सरकार द्वारा एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त करने के फैसले के बाद बुधवार को चीनी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली. बाजार खुलते ही कई शुगर स्टॉक्स में खरीदारी बढ़ गई और निवेशकों ने इस फैसले को एथेनॉल इंडस्ट्री के लिए पॉजिटिव कदम माना. 11 जून को सुबह करीब 9:31 बजे तक शुगर सेक्टर के कई शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा तेजी Dhampur Sugar Mills और Dwarikesh Sugar Industries में देखने को मिली, जिनके शेयर 3 फीसदी तक चढ़ गए. इसके अलावा Balrampur Chini Mills, Bajaj Hindusthan Sugar और Dalmia Bharat Sugar and Industries के शेयर भी 1.5 प्रतिशत से 2 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.
क्या है सरकार का नया फैसला?
वित्त मंत्रालय के अधिसूचना के अनुसार, अब 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. जानकारों का मानना है कि इस कदम से एथेनॉल उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ चीनी कंपनियों को मिल सकता है क्योंकि देश में एथेनॉल का बड़ा हिस्सा गन्ने और शीरे (मोलासेस) से तैयार किया जाता है.
22 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए क्या शर्तें हैं?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 22 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में कुल मात्रा का 78 प्रतिशत हिस्सा पेट्रोल और 22 प्रतिशत हिस्सा एथेनॉल होना चाहिए. साथ ही पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर लागू करों का भुगतान किया गया हो. इसके अलावा यह मिश्रण भारतीय मानक ब्यूरो मानक के अनुरूप होना भी जरूरी है. तभी इसे शून्य एक्साइज ड्यूटी का लाभ मिलेगा.
30 प्रतिशत मिश्रण के लिए भी तय किए गए नियम
सरकार ने 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए भी स्पष्ट मानक तय किए हैं. इसके तहत मिश्रण में 70 प्रतिशत पेट्रोल और 30 प्रतिशत एथेनॉल होना चाहिए. साथ ही संबंधित करों का भुगतान और BIS मानकों का पालन अनिवार्य होगा. सरकार का यह कदम देश में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
चीनी कंपनियों को कैसे होगा फायदा?
बाजार जानकारों के मुताबिक एथेनॉल मिश्रण का स्तर बढ़ने से चीनी मिलों की एथेनॉल बिक्री में वृद्धि हो सकती है. इससे कंपनियों के लिए एक अतिरिक्त और स्थिर रेवेन्यू सोर्स तैयार होगा. पिछले कुछ वर्षों में सरकार लगातार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को कर छूट मिलने से चीनी और एथेनॉल उत्पादक कंपनियों की मांग बढ़ने की उम्मीद है.
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