रडार पर रखें ये पोर्ट स्टॉक, 70% मार्जिन और कर्ज लगभग जीरो ने बढ़ाया भरोसा, ग्रोथ प्लान भी दमदार
भारत के बढ़ते निर्यात और लॉजिस्टिक्स कारोबार के बीच गुजरात पिपावाव पोर्ट लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है. कंपनी ने मार्च तिमाही में 70% ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल किया, जबकि वाहन निर्यात और कार्गो हैंडलिंग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. लगभग कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट और विस्तार प्लान के चलते यह पोर्ट निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है.

Gujarat Pipavav Port : भारत से जब कोई कार विदेश भेजी जाती है या कोई माल जहाज के जरिए देश में आता है, तो सबसे अहम भूमिका बंदरगाह (पोर्ट) की होती है. इसलिए जैसे-जैसे देश में आयात-निर्यात का कारोबार बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के बिजनेस में भी तेजी देखी जाएगी. इस सेक्टर में काम करने वाली एक कंपनी का नाम Gujarat Pipavav Port है, जो हाल के दिनों में निवेशकों की नजर में आई है. कंपनी ने मजबूत कमाई, बढ़ते कारोबार और बेहद कम कर्ज के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है.
मार्च तिमाही में मुनाफे की जोरदार बढ़त
गुजरात पिपावाव पोर्ट की मार्च तिमाही में आय 26% बढ़कर 317 करोड़ रुपये पहुंच गई. कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 70% तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 62% था. इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इतनी ऊंची मार्जिन वाली कंपनियां बहुत कम देखने को मिलती हैं.
पूरे साल दिखी लगातार मजबूत ग्रोथ
कंपनी का बेहतर प्रदर्शन सिर्फ एक तिमाही तक सीमित नहीं रहा. वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में EBIT (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स) में 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस दौरान वाहन निर्यात 40%, ड्राई बल्क कार्गो 45% और लिक्विड कार्गो 13% बढ़ा. EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 58% पर पहुंच गया.
ऑटोमोबाइल निर्यात का बड़ा केंद्र बन रहा पोर्ट
गुजरात पिपावाव पोर्ट तेजी से वाहन निर्यात का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. मार्च तिमाही में कंपनी ने 67,000 से अधिक वाहनों की हैंडलिंग की, जो पिछले साल की तुलना में 39% ज्यादा है. पूरे साल में यह संख्या 2.29 लाख वाहनों तक पहुंच गई. बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी नया वाहन स्टेजिंग एरिया भी डेवलप कर रही है.
गुजरात पिपावाव पोर्ट: शेयर प्राइस चार्ट 6 महीने का
कंपनी के फंडामेंटल्स
| मापदंड | मान |
|---|---|
| मार्केट कैप (Market Cap) | ₹7,539 करोड़ |
| पी/ई अनुपात (TTM) | 14.63 |
| पी/बी अनुपात | 3.16 |
| उद्योग पी/ई | 32.21 |
| ऋण-से-इक्विटी अनुपात | 0.02 |
| आरओई (ROE – इक्विटी पर प्रतिफल) | 21.57% |
| ईपीएस (TTM) | 10.66 |
| डिविडेंड ईल्ड (Dividend Yield) | 3.21% |
| बुक वैल्यू | 49.40 |
| फेस वैल्यू | 10 |
क्षमता विस्तार से भविष्य की तैयारी
पोर्ट में 60,000 वर्गमीटर का नया वाहन पार्किंग और हैंडलिंग एरिया बनाया जा रहा है. इसके पूरा होने के बाद वाहन हैंडलिंग क्षमता 2.5-3 लाख वाहनों से बढ़कर 4-4.5 लाख वाहन सालाना हो जाएगी. इससे कंपनी को आने वाले वर्षों में बढ़ती ऑटोमोबाइल निर्यात डिमांड का फायदा मिल सकता है.
लगभग कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट बनी सबसे बड़ी ताकत
जहां अधिकांश इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां भारी कर्ज पर निर्भर रहती हैं, वहीं गुजरात पिपावाव पोर्ट की स्थिति काफी मजबूत है. कंपनी का डेट-टू-इक्विटी अनुपात सिर्फ 0.02 है. वहीं इंटरेस्ट कवरेज रेशियो करीब 99 गुना है, जो दिखाता है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ लगभग न के बराबर है. यही वजह है कि निवेशकों की नजर में यह कंपनी एक मजबूत और स्थिर इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार के रूप में उभर रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.