BMC से मिला कंस्ट्रक्शन कंपनी को 1662 करोड़ का ऑर्डर, फोकस में शेयर, मुकुल अग्रवाल का दांव, FII की भी 10.41% तक हिस्सेदारी
HCC को BMC से गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड फेज 4 के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है, जिससे कंपनी का शेयर फोकस में आ गया है. इसमें दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की 1.68 फीसदी हिस्सेदारी है. इसमें विदेशी निवेशक और प्रमोटर्स भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ा चुके हैं.
HCC Share Price: इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी HCC एक बार फिर सुर्खियों में है. इसे बृहन्मुंबई नगर निगम यानी BMC से एक बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी को गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड यानी GMLR फेज 4 प्रोजेक्ट के लिए करीब 1662 करोड़ रुपये का ठेका मिला है. इस खबर के बाद गुरुवार 19 मार्च को कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली.
HCC को यह प्रोजेक्ट आक्श्या-HCC जॉइंट वेंचर के जरिए मिला है. इस जॉइंट वेंचर में HCC की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. यानी प्रोजेक्ट में कंपनी की भागीदारी अहम रहने वाली है. इस प्रोजेक्ट के तहत सेकंड-लेवल फ्लाईओवर, उससे जुड़ा सड़क नेटवर्क और इंटरचेंज बनाए जाएंगे. इसका मकसद मुंबई में ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को बेहतर करना है, ताकि शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक आवाजाही आसान हो सके.
शेयर में हलचल
शेयर का पिछला बंद भाव 15.65 रुपये था, जबकि आज का इंट्रा डे हाई 15.72 रुपये दर्ज किया गया. इस लिहाज से HCC के शेयर में 0.45 फीसदी की हल्की तेजी देखने को मिली. कंपनी को यह ऑर्डर मुंबई की कनेक्टिविटी से जुड़े एक बेहद अहम प्रोजेक्ट के लिए मिला है, जो आने वाले समय में कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत कर सकता है. ऐसे में शेयरों में और हलचल देखने को मिल सकती है.
प्रोजेक्ट की खास बातें
प्रोजेक्ट का काम र्क चरणों में होा. फेज 1 में 1330 मीटर लंबा फ्लाईओवर, 3200 मीटर एट-ग्रेड रोड और 2620 मीटर फ्री-लेफ्ट मूवमेंट्स का निर्माण शामिल है. वहीं फेज 2 में क्लोवरलीफ इंटरचेंज और बायपास बनाए जाएंगे. इसमें 2400 मीटर का लूप और 3600 मीटर फ्री-लेफ्ट बायपास रोड शामिल है. इसके अलावा प्रोजेक्ट में 180 मीटर का केबल-स्टे स्पैन और 270 मीटर तक फैले रैंप्स भी बनाए जाएंगे. कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट मुंबई के ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है.
मुकुल अग्रवाल की कितनी हिस्सेदारी?
कंपनी में दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल का भी दांव है. उन्होंने दिसंबर 2025 तक कंपनी में 1.68 फीसदी हिस्सेदारी ले रखी है. इससे बाजार में इस शेयर को लेकर दिलचस्पी और बढ़ गई है.
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो दिसंबर 2025 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी बढ़कर 10.41 फीसदी हो गई, जो सितंबर 2025 में 9.58 फीसदी थी. यानी विदेशी निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बढ़ा है.वहीं प्रमोटर्स की हिस्सेदारी भी बढ़कर 16.8 फीसदी हो गई, पहले ये 16.7 फीसदी थी. पर बनी रही. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रह गई.
