₹1.25 लाख करोड़ का सेमिकंडक्टर मिशन, इन 2 शेयरों को मिल सकता है फायदा; क्या आपके पोर्टफोलियो में हैं ये स्टॉक

भारत सरकार के 1.25 लाख करोड़ रुपये के सेमिकंडक्टर मिशन से डोमेस्टिक चिप मैन्युफैक्चिरिंग को नई गति मिलने की उम्मीद है. योजना का टारगेट वर्ष 2030 तक देश की 75 फीसदी चिप जरूरत घरेलू स्तर पर पूरी करना है. इस मिशन से Kaynes Technology और CG Power जैसी कंपनियों को नए कारोबार के अवसर मिल सकते हैं.

1.25 लाख करोड़ रुपये के सेमिकंडक्टर मिशन से डोमेस्टिक चिप मैन्युफैक्चिरिंग को नई गति मिलने की उम्मीद है. Image Credit: money9live

India Semiconductor Mission: भारत सरकार देश को सेमिकंडक्टर मैन्युफैक्चिरिंग के सेक्टर में मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है. इसी कड़ी में सरकार ने 1.25 लाख करोड़ रुपये के India Semiconductor Mission के विस्तार को मंजूरी देने की दिशा में अहम कदम उठाया है. इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश की 75 फीसदी चिप जरूरत घरेलू स्तर पर पूरी करना है. इस फैसले से सेमिकंडक्टर डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कई कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर अब उन कंपनियों पर है जो इस मिशन का फायदा उठा सकती हैं.

सरकार का नया मिशन क्यों है खास

भारत अभी अपनी अधिकांश सेमिकंडक्टर जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. सरकार इस स्थिति को बदलना चाहती है. 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित मिशन के तहत केवल चिप फैक्टरी ही नहीं, बल्कि डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और एडवांस्ड मटेरियल जैसे पूरे सेमिकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने की योजना है. इससे देश में घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती मिलेगी.

Kaynes Technology

Kaynes Technology इस सेक्टर की उन प्रमुख कंपनियों में शामिल है जो पहले से सेमिकंडक्टर कारोबार में निवेश कर रही हैं. कंपनी गुजरात में Outsourced Semiconductor Assembly and Test यानी OSAT सर्विस डेवलप कर रही है. यहां चिप की पैकेजिंग और टेस्टिंग का काम होगा. अगर सरकार नए प्रोत्साहन देती है तो कंपनी को शुरुआती बढ़त मिल सकती है. शुक्रवार को कंपनी शेयर 5.5 फीसदी की तेजी के साथ 3333 रुपये पर बंद हुए. कंपनी ने अपने निवेशकों को पिछले पांच साल 328 फीसदी का रिटर्न दिया है.

CG Power

CG Power को अब केवल इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी के रूप में नहीं देखा जा रहा है. कंपनी उस समूह का हिस्सा है जिसे सरकार ने OSAT प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दी है. इससे कंपनी को सेमिकंडक्टर पैकेजिंग कारोबार में प्रवेश का मौका मिला है. मजबूत इंडस्ट्रियल कारोबार के साथ यह नया सेक्टर कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को नई दिशा दे सकता है. शुक्रवार को कंपनी शेयर 6.97 फीसदी की गिरावट के साथ 892 रुपये पर बंद हुए. कंपनी ने अपने निवेशकों को पिछले पांच साल 1008 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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क्यों अहम है सेमिकंडक्टर सेक्टर

आज के समय में मोबाइल फोन, कार, डिफेंस इक्विपमेंट , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर और कई आधुनिक तकनीकों में सेमिकंडक्टर की जरूरत होती है. महामारी के दौरान वैश्विक चिप संकट ने यह दिखाया था कि किसी भी देश के लिए घरेलू चिप मैन्युफैक्चिरिंग कितना जरूरी है. इसी वजह से भारत भी इस क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है.