चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी! इन सेमीकंडक्टर कंपनियों ने बनाया बड़ा प्लान; निवेशक रखें नजर
भारत में सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है. चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति और सरकार के प्रोत्साहन का फायदा भारतीय कंपनियों को मिल रहा है. Bharat Electronics, Cyient, Hitachi Energy, MIC Electronics और ASM Technologies जैसी कंपनियां चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण में बड़े निवेश कर रही हैं.
Semiconductor Stocks: भारत में सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से उभरता हुआ उद्योग बनता जा रहा है. कुछ साल पहले तक देश की चिप निर्माण क्षमता काफी हद तक चीन पर निर्भर थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान सप्लाई चेन में आई बाधाओं ने भारत को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. अब भारत सरकार के प्रोत्साहन, बढ़ती टेक्नोलॉजी डिमांड और वैश्विक कंपनियों की चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति का फायदा भारतीय कंपनियों को मिल रहा है. देश की कई कंपनियां अब चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर रिसर्च, पैकेजिंग और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश कर रही हैं. आने वाले वर्षों में यह सेक्टर भारतीय मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. इसी कड़ी में कुछ भारतीय कंपनियां आक्रामक विस्तार योजनाओं के चलते निवेशकों के बीच चर्चा में हैं.
Bharat Electronics का बड़ा दांव
सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Electronics यानी BEL इस सूची में सबसे प्रमुख नामों में शामिल है. कंपनी का सेमीकंडक्टर सेक्टर से पुराना संबंध रहा है. 1960 के दशक में कंपनी जर्मेनियम और सिलिकॉन ट्रांजिस्टर का उत्पादन करती थी. हालांकि बाद में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी बदलावों के कारण उसने इस कारोबार से दूरी बना ली थी.
अब कंपनी दोबारा इस क्षेत्र में मजबूत वापसी की तैयारी कर रही है. BEL ने IIT मंडी के साथ रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए समझौता किया है. इसके अलावा 2025 में कंपनी ने Tata Electronics के साथ भी साझेदारी की है. दोनों कंपनियां मिलकर सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और डिजाइन सॉल्यूशंस पर काम करेंगी.
Equitymaster की रिपोर्ट के अनुसार, BEL और Hindustan Aeronautics Limited मिलकर 25,000 करोड़ रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक की लागत वाली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट लगाने की योजना बना रहे हैं. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.92 फीसदी गिरकर 416.55 रुपये पर पहुंच गया.
Cyient का फोकस चिप डिजाइन पर
हैदराबाद की टेक्नोलॉजी कंपनी Cyient भी सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी ने अपनी सहायक यूनिट Cyient Semiconductors के जरिए चिप डिजाइन और डिजिटल इंजीनियरिंग में निवेश बढ़ाया है. कंपनी ने वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माता GlobalFoundries के साथ साझेदारी की है, जिससे उसे चिप फैब्रिकेशन और तकनीकी सहयोग मिलेगा.
कंपनी का कहना है कि वह एआई आधारित इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और भविष्य की तकनीकों पर फोकस कर रही है. इसके साथ ही युवाओं को एआई स्किलिंग देने के लिए भी कई पहल शुरू की गई हैं. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.06 फीसदी गिरकर 901.70 रुपये पर पहुंच गया.
Hitachi Energy की नई तकनीक
पावर सेक्टर की बड़ी कंपनी Hitachi Energy भी सेमीकंडक्टर तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रही है. कंपनी ने हाल ही में IGBT के लिए अपना पहला 300 मिलीमीटर वेफर तैयार किया है. यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन, ट्रेन, एयर कंडीशनर और पावर सिस्टम जैसे क्षेत्रों में उपयोगी मानी जाती है.
कंपनी का दावा है कि नई तकनीक पुराने 200 मिलीमीटर वेफर की तुलना में 2.4 गुना ज्यादा इंटीग्रेटेड सर्किट उत्पादन क्षमता दे सकती है. इसके अलावा कंपनी Pakal Technologies के साथ नई हाई-वोल्टेज सेमीकंडक्टर तकनीक विकसित कर रही है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 2.46 फीसदी गिरकर 35,555 रुपये पर पहुंच गया.
MIC Electronics और ASM Technologies भी रेस में
MIC Electronics सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग सॉल्यूशंस पर काम कर रही है. कंपनी ने हाल ही में सिंगापुर की Neo Semi SG Pte. Ltd. के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया है. इससे कंपनी की चिप डिजाइन सेक्टर में पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है.
वहीं ASM Technologies भी डिजाइन आधारित मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण पर फोकस कर रही है. कंपनी ने HHV समूह के साथ संयुक्त उद्यम बनाकर भारत में आधुनिक सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना बनाई है.
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