सस्ता हुआ सोना, आज इतने रुपये गिर गया भाव; जानें- 24 कैरेट वाले गोल्ड की कीमत
Gold-Silver Price: शुक्रवार को सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली. लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने बताया कि बुलियन बाजार में हाल के उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से चल रहे भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित हैं. अमेरिका-ईरान बातचीत में थोड़ी-बहुत प्रगति होने से कीमती मेटल्स की खरीदारी कम हो गई.
Gold-Silver Price: शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमतें 600 रुपये गिरकर 10 ग्राम पर 1.64 लाख रुपये हो गईं. इसकी वजह यह थी कि अमेरिका-ईरान बातचीत में थोड़ी-बहुत प्रगति होने से कीमती मेटल्स की खरीदारी कम हो गई, हालांकि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बने तनाव के कारण कारोबारी सतर्क रहे. स्थानीय बाजार के जानकारों के मुताबिक, लगातार तीन दिन की बढ़त के बाद, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाला सोना 600 रुपये गिरकर 10 ग्राम पर 1,64,900 रुपये (सभी टैक्स मिलाकर) हो गया.
जियो-पॉलिटिकल तनाव से प्रभावित उतार-चढ़ाव
शुक्रवार को सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली. लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने बताया कि बुलियन बाजार में हाल के उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से चल रहे भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित हैं, खासकर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर, साथ ही भारतीय रुपये में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का भी असर है. हालांकि, बुलियन बाजार में चांदी की कीमतें स्थिर रहीं और 1 किलोग्राम पर 2,71,000 रुपये पर बनी रहीं.
इंटरनेशनल मार्केट गोल्ड सिल्वर
इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड थोड़ा गिरकर 4,522.32 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1 फीसदी गिरकर 75.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
क्यों गिरा सोने का भाव?
मीराए एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 4,522 डॉलर प्रति औंस पर नीचे कारोबार कर रहा था, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद कम होने के बावजूद, परमाणु और होर्मुज पर नियंत्रण के मुद्दे अभी भी विवादित बने हुए हैं.’
अमेरिका की चेतावनी
इस बीच, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही टोल-फ्री रहनी चाहिए. इस चेतावनी के कारण अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रगति के संकेत मिलने के बावजूद निवेशक सतर्क बने हुए हैं.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा बातचीत में थोड़ी-बहुत प्रगति होने की बात कहे जाने के बाद बुलियन की कीमतों में आई गिरावट कुछ हद तक कम हुई. हालांकि उन्होंने होर्मुज पर नियंत्रण के मुद्दे को एक बड़ी बाधा के रूप में भी रेखांकित किया.
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