52-वीक लो के आसपास फिसला यह PSU स्टॉक, गिरावट के बीच FIIs ने बढ़ाई स्टेक; LIC भी रखता है मजबूत दांव
शेयर बाजार में हालिया कमजोरी के बीच इस PSU कंपनी का शेयर 52-वीक लो के करीब आ गया है. दिलचस्प बात यह है कि गिरावट के बावजूद FIIs ने इसमें हिस्सेदारी बढ़ाई है और LIC भी कंपनी में मजबूत दांव लगाए हुए है. मजबूत तिमाही नतीजों और लोन बिजनेस में तेज ग्रोथ के चलते यह PSU स्टॉक निवेशकों के रडार पर बना हुआ है.
IREDA Share 52 Week Low: पिछला सप्ताह शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बुरे यादों से भरा हुआ रहा. एक सप्ताह में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में तकरीबन 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसी गिरावट का असर स्टॉक्स पर भी देखने को मिला. इन्हीं से एक PSU स्टॉक का भाव 52वीक हाई के करीब पहुंच गया है. जिस PSU स्टॉक की हम बात कर रहे हैं उसका नाम इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) है. यह शेयर सोमवार के कारोबार में फोकस में रह सकता है. इसका बड़ा कारण FIIs की बढ़ती हिस्सेदारी और वित्तीय नतीजे हैं.
52-वीक लो के करीब IREDA के शेयर
IREDA के शेयरों में हाल के महीनों में दबाव बना हुआ है. शुक्रवार, 09 जनवरी को यह स्टॉक करीब 3.24 फीसदी टूटकर 136.61 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके 52-वीक लो (129.11 रुपये) के बेहद करीब है. मौजूदा भाव पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 38,338 करोड़ रुपये है. बीते एक साल में इस PSU स्टॉक ने निवेशकों को निराश किया है और इसमें करीब 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है. वहीं, 5 साल के दौरान स्टॉक का भाव 173 फीसदी तक बढ़ा है.
गिरावट के बीच FIIs ने बढ़ाया भरोसा
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर शेयर दबाव में है, वहीं दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच FIIs की हिस्सेदारी 1.90 फीसदी से बढ़कर 2.10 फीसदी हो गई है. इस दौरान FIIs के पास मौजूद IREDA के शेयरों की संख्या बढ़कर 5.76 करोड़ से ज्यादा हो गई. आमतौर पर FIIs की खरीदारी को लॉन्ग टर्म पॉजिटिव संकेत माना जाता है, खासकर तब जब स्टॉक अपने निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा हो.
LIC भी रखता है मजबूत हिस्सेदारी
सिर्फ FIIs ही नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने भी IREDA में निवेश किया हुआ है. दिसंबर 2025 के अंत तक LIC के पास कंपनी में करीब 2.21 फीसदी हिस्सेदारी है. इसके अलावा सितंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 1.92 फीसदी थी, जो दिसंबर तक बढ़कर 2.07 फीसदी हो गई, जिससे साफ है कि संस्थागत निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हुआ है.
तीसरी तिमाही में मुनाफे और आय में दमदार बढ़त
IREDA ने शुक्रवार, 09 जनवरी शाम को वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए. कंपनी का कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.4 फीसदी बढ़कर 1,381.36 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं, परिचालन से होने वाली आय में भी 28.2 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कंपनी के कारोबार की सेहत को दर्शाती है.
लोन अप्रूवल और डिस्बर्समेंट में तेज उछाल
कंपनी के मुताबिक, तीसरी तिमाही में उसके लोन अप्रूवल्स सालाना आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 40,100 करोड़ रुपये हो गए, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 31,087 करोड़ रुपये था. इसके अलावा दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में लोन डिस्बर्समेंट में 44 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 24,903 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 17,236 करोड़ रुपये था.
निचले स्तरों से बाउंस की उम्मीद?
मजबूत तिमाही नतीजों, बढ़ते लोन बिजनेस और FIIs व LIC जैसी बड़ी संस्थाओं की हिस्सेदारी को देखते हुए यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि IREDA के शेयर निचले स्तरों से रिकवरी दिखा सकते हैं. हालांकि, कमजोर बाजार माहौल और व्यापक गिरावट के बीच निवेशकों को सतर्क रहकर ही कोई फैसला लेने की जरूरत होगी.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.