मिडिल ईस्ट में तनाव से दलाल स्ट्रीट में ‘तबाही’: इंडिया VIX 23% उछला, 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा सेंसेक्स

मिडिल ईस्ट में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. सेंसेक्स 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी भी कमजोर रहा. तीन सत्रों में निवेशकों की करीब ₹21.5 लाख करोड़ की संपत्ति घट गई और इंडिया VIX 23% उछलकर बढ़ती बाजार चिंता दिखा रहा है.

शेयर बाजार Image Credit: Canva

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है. बुधवार को भारी बिकवाली के चलते BSE Sensex और Nifty 50 कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गए. तेल कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी जिससे बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो-पॉलिटिकल संकट आमतौर पर बाजार में तेज लेकिन अस्थायी असर डालते हैं. हालात सामान्य होने के बाद निवेशकों का ध्यान फिर से आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर लौट सकता है.

सेंसेक्स और निफ्टी

बुधवार को सेंसेक्स 1.4% यानी 1,123 अंक गिरकर 79,116 पर बंद हुआ जो 17 अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है. वहीं निफ्टी 385 अंक यानी 1.55% टूटकर 24,481 पर बंद हुआ जो 29 अगस्त 2025 के बाद का सबसे कमजोर स्तर रहा. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,443 और निफ्टी 24,305 तक फिसल गया. बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं. तेल कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका है क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 80% आयात करता है.

इंडिया VIX और मार्केट कैप

बाजार में बढ़ती घबराहट का संकेत देने वाला India VIX भी तेज उछाल के साथ 23% बढ़कर 21.6 पर पहुंच गया जो लगभग दस महीने का उच्च स्तर है. इंडिया VIX को बाजार का “फियर गेज” कहा जाता है, जो निवेशकों की चिंता और अस्थिरता को दर्शाता है.

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार में लगभग 4% की गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹21.5 लाख करोड़ (461 अरब डॉलर) की कमी आ गई है. इसके बाद भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप घटकर ₹447 लाख करोड़ रह गया है.

सेक्टोरल इंडेक्स और शेयरों का हाल

सेक्टोरल स्तर पर भी व्यापक गिरावट देखने को मिली. Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. आईटी सेक्टर को छोड़कर एनएसई के लगभग सभी सेक्टर गिरावट में बंद हुए. सबसे ज्यादा गिरावट मेटल सेक्टर में 4% और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 3.1% रही.

मिडिल ईस्ट से जुड़े कारोबार वाली कंपनियों के शेयरों में भी दबाव रहा. इंजीनियरिंग कंपनी Larsen & Toubro के शेयर करीब 4.5% गिर गए. वहीं तेल कंपनियों Bharat Petroleum Corporation Limited, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Indian Oil Corporation के शेयरों में भी करीब 5% की गिरावट आई. इसके अलावा एयरलाइन और होटल सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे क्योंकि कई एयरलाइनों ने पश्चिम एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं.

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

इस बीच विदेशी निवेशकों ने भी बाजार से दूरी बनाई. बुधवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने लगभग ₹8,753 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब ₹12,068 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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