एक नोटिस और टूटकर बिखर गया ये गैस स्टॉक, एक दिन में 7% टूटा, USA-ईरान युद्ध ने बढ़ाया संकट
USA-ईरान युद्ध के कारण गैस सप्लाई बाधित होने से गुजरात गैस का शेयर एक दिन में करीब 7% टूट गया. कंपनी ने इंडस्ट्रियल ग्राहकों को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है. R-LNG की कमी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कंपनी के कारोबार पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
Gujarat Gas Share Price: USA-ईरान युद्ध का असर अब भारतीय गैस कंपनियों पर भी दिखने लगा है. गैस सप्लाई में आई बाधा के चलते गुजरात गैस के शेयर गुरुवार, 5 मार्च को बुरी तरह टूट गए. इसके शेयर एक दिन में करीब 7% तक टूट गए और BSE पर 389 रुपये के दिन के निचले स्तर तक फिसल गए. शेयर में ये गिरावट कंपनी की ओर से इंडस्ट्रियल ग्राहकों को जारी किए गए एक नोटिस के बाद देखने को मिली.
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसने अपने इंडस्ट्रियल ग्राहकों को गैस सप्लाई एग्रीमेंट के तहत फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है. इसके तहत 6 मार्च 2026 से डेली कॉन्ट्रैक्टेड क्वांटिटी यानी गैस सप्लाई की मात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है. कंपनी के मुताबिक मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण गैस सप्लाई बाधित हो गई है. मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के चलते R-LNG की उपलब्धता काफी सीमित हो गई है, जिससे गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है.
कंपनी ने क्या कहा?
गुजरात गैस ने यह भी साफ किया कि युद्ध जैसी घटनाएं उसकी बीमा पॉलिसी के दायरे में नहीं आती हैं. चूंकि फोर्स मेज्योर की स्थिति अभी जारी है, इसलिए इसका वित्तीय असर फिलहाल तय करना संभव नहीं है. कंपनी का कहना है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी महत्वपूर्ण अपडेट की जानकारी एक्सचेंज को देती रहेगी.
फोर्स मेज्योर लागू करने वाली दूसरी कंपनी
ऊर्जा क्षेत्र में यह दूसरा मामला है जब किसी कंपनी ने मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच फोर्स मेज्योर लागू किया है. इससे पहले 3 मार्च को पेट्रोनेट LNG ने कतर एनर्जी को लेकर अपने LNG टैंकर दिशा, राही और असीम से जुड़ा फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया था. वहीं LNG सप्लायर कतर एनर्जी ने भी क्षेत्र में जारी संघर्ष के चलते संभावित फोर्स मेज्योर की आशंका जताई है.
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क्या होता है फोर्स मेज्योर?
फोर्स मेज्योर एक कानूनी प्रावधान होता है, जिसका मतलब असाधारण परिस्थितियों में अनुबंध की शर्तों से अस्थायी राहत मिलना होता है. युद्ध, दंगे, हड़ताल, महामारी या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में कंपनियां इस प्रावधान का सहारा ले सकती हैं.
शेयर का प्रदर्शन
गुजरात गैस के शेयर सुबह 10:24 बजे तक 6.20 फीसदी की गिरावट के साथ 391.70 रुपये पर ट्रेड करते नजर आए. हफ्ते भर में ये 4 फीसदी और 6 महीने में करीब 12 फीसदी लुढ़का है. लॉन्ग टर्म में भी इसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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