IT Sector से Mutual Funds का भरोसा टूटा! रिकॉर्ड लो पर पहुंचा एलोकेशन; निवेशक रखें नजर
जून 2026 में म्यूचुअल फंड्स ने आईटी सेक्टर में अपना एलोकेशन घटाकर रिकॉर्ड निचले स्तर 5.9 फीसदी पर पहुंचा दिया है. टेक्नोलॉजी सेक्टर में घटती हिस्सेदारी के पीछे टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग में सुस्ती, एआई का बढ़ता असर, प्रॉफिट बुकिंग और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग प्रमुख वजहें हैं.
IT Sector: भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने जून 2026 में IT Sector में अपना निवेश घटाकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की ताजा फंड फोलियो: इंडियन म्यूचुअल फंड ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, जून में म्यूचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो में टेक्नोलॉजी सेक्टर की हिस्सेदारी घटकर 5.9 फीसदी रह गई, जो एक महीने पहले 6.6 फीसदी और एक साल पहले 8.3 फीसदी थी. यानी सिर्फ एक महीने में 70 बेसिस प्वाइंट और एक साल में 240 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई है.
क्यों घटा IT Sector में निवेश
विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई वजहें हैं. वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग में सुस्ती, अमेरिका और यूरोप में एंटरप्राइज IT बजट पर दबाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से पारंपरिक IT सर्विसेज बिजनेस पर बढ़ता दबाव प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.
इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में IT Stocks में आई मजबूत तेजी के बाद कई फंड मैनेजर्स ने प्रॉफिट बुकिंग और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग भी की है. इसी वजह से उन्होंने IT Sector में हिस्सेदारी घटाकर दूसरे सेक्टरों में निवेश बढ़ाया है.
किन सेक्टरों में बढ़ाया निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, जून के दौरान फंड मैनेजर्स ने प्राइवेट बैंक्स, हेल्थकेयर, एनबीएफसी-लेंडिंग, ऑटोमोबाइल्स, रिटेल, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ाया. वहीं टेक्नोलॉजी, ऑयल एंड गैस, यूटिलिटीज, मेटल्स, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, सीमेंट और कुछ अन्य सेक्टरों में हिस्सेदारी कम की गई.
IT Stocks में आई बड़ी गिरावट
IT Sector पहले ही पिछले कुछ महीनों से दबाव में है. निफ्टी IT इंडेक्स अपने 10 दिसंबर 2024 के रिकॉर्ड उच्च स्तर 45,377.75 से करीब 22.67 फीसदी नीचे आ चुका है. पिछले एक साल में इंडेक्स में लगभग 21 फीसदी, जबकि पिछले 6 महीनों में 23.32 फीसदी और 3 महीनों में करीब 4.86 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. लगातार गिरावट के बाद IT कंपनियों के वैल्यूएशन पहले की तुलना में अधिक आकर्षक माने जा रहे हैं.
सेक्टोरल फंड या डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड
विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को केवल IT Sector Funds में बड़ा दांव लगाने से बचना चाहिए. इसके बजाय डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं, क्योंकि इनमें IT सहित कई सेक्टरों में निवेश होता है, जिससे जोखिम कम रहता है. हालांकि, जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे अपने कुल पोर्टफोलियो का 5 से 10 फीसदी हिस्सा टेक्नोलॉजी सेक्टर में धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं.
किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के अनुसार, जून के दौरान जिन शेयरों में म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग वैल्यू सबसे ज्यादा घटी, उनमें Infosys, TCS, HCLTech और Persistent Systems जैसे IT Stocks प्रमुख रहे. इसके अलावा Reliance Industries, NTPC, Tata Steel, Hindalco, BSE और ONGC में भी हिस्सेदारी कम हुई.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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