116% रिटर्न के बाद NALCO में अचानक भूचाल! एक दिन में 5% टूटा शेयर, जानें वजह
NALCO के शेयर में शुक्रवार को करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले एक साल में यह शेयर निवेशकों को 116 फीसदी का शानदार रिटर्न दे चुका है. इस गिरावट के पीछे मुनाफावसूली, वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और मेटल सेक्टर में कमजोरी जैसे कारण हैं. हालांकि भारत में बढ़ती एल्युमिनियम मांग इसके लॉन्गटर्म विकास की संभावनाओं को मजबूत बनाए हुए हैं.

NALCO Share Price: पब्लिक सेक्टर की प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी NALCO के शेयरों में शुक्रवार को करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले एक साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न देने वाली इस कंपनी के शेयर में अचानक आई कमजोरी ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है. हालांकि, पहली नजर में यह गिरावट चिंताजनक लग सकती है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कंपनी के कारोबार में कोई बड़ी समस्या नहीं है. इसके बजाय मुनाफावसूली, वैश्विक अनिश्चितता और मेटल सेक्टर में कमजोरी जैसे कारण इस गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं.
एक साल में 116 फीसदी उछला था शेयर
NALCO के शेयरों ने पिछले एक वर्ष में निवेशकों को लगभग 116 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. किसी भी शेयर में इतनी तेज तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना सामान्य बात मानी जाती है. जब कोई स्टॉक लगातार ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तो कई निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं. विश्लेषकों के अनुसार, NALCO के शेयर में हालिया गिरावट का सबसे बड़ा कारण यही मुनाफावसूली है. इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी के बुनियादी आंकड़े कमजोर हो गए हैं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही तेजी के बाद बाजार कुछ समय के लिए ठहराव की स्थिति में है.
वैश्विक तनाव का भी पड़ा असर
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन और युद्ध जैसे हालात ने कमोडिटी बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है. इसका असर मेटल इंडस्ट्री पर भी देखने को मिल रहा है. निवेशकों को आशंका है कि यदि वैश्विक आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इनकी मांग पर दबाव आ सकता है. इसी कारण मेटल सेक्टर के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली. BSE Metal Index में भी करीब 2.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा असर NALCO जैसे प्रमुख मेटल शेयरों पर पड़ा.
विस्तार योजनाओं पर काम कर रही है कंपनी
हालांकि शेयर में आई गिरावट के बावजूद कंपनी के लॉन्ग-टर्म विकास की संभावनाएं मजबूत दिखाई देती हैं. NALCO वर्तमान में अपनी एल्युमिना रिफाइनरी क्षमता का विस्तार कर रही है. कंपनी की मौजूदा क्षमता लगभग 2.1 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जिसमें 1 मिलियन टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है. यह नई सुविधा जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है.
इसके अलावा, कंपनी अपनी एल्युमिनियम स्मेल्टिंग क्षमता को भी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. मौजूदा 0.46 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता में 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी. हालांकि, यह परियोजना अगस्त 2030 तक पूरी होने की संभावना है. बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी 1,080 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव पावर प्लांट भी स्थापित करने की तैयारी कर रही है, जिसके जून 2031 तक चालू होने की उम्मीद है.
घरेलू मांग से मिल सकता है सहारा
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और पावर सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है. इन क्षेत्रों में एल्युमिनियम की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा फायदा NALCO को मिल सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि देश में निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक विकास के चलते एल्युमिनियम की मांग मजबूत बनी रहेगी, जिससे कंपनी की बिक्री और आय में दीर्घकालिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
हालिया प्रदर्शन कैसा रहा
NALCO का शेयर पिछले पांच कारोबारी सत्रों में लगभग 7.34 फीसदी तक गिर चुका है. हालांकि, लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी मजबूत बनी हुई है. कंपनी का शेयर 27 अप्रैल 2026 को 445.10 रुपये के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 4 अगस्त 2025 को इसका 52-सप्ताह का निचला स्तर 180.10 रुपये था.
यह भी पढ़ें: CMR Green Technologies IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, अलॉटमेंट का इंतजार; GMP दे रहा मजबूत लिस्टिंग के संकेत
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.