TV9 NETWORK
User
Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

भारत में बढ़ेगा एथेनॉल का इस्तेमाल, खुलेंगे हजारों फ्यूल स्टेशन; इन कंपनियों पर रहेगी निवेशकों की नजर

सरकार दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में 50 से 100 विशेष एथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है. इतना ही नहीं, साल 2027 तक देशभर में 5,000 एथेनॉल स्टेशन खोलने का लक्ष्य रखा गया है. अब जब एथेनॉल आधारित वाहनों और फ्यूल स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ेगा, तो एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को भी इसका बड़ा फायदा मिल सकता है.

इथेनॉल स्टॉक्स Image Credit: tv9 bharatvarsh

2 Ethanol Stocks: भारत में एथेनॉल को लेकर सरकार की योजना अब तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है. सरकार दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में 50 से 100 विशेष एथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है. इतना ही नहीं, साल 2027 तक देशभर में 5,000 एथेनॉल स्टेशन खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इससे साफ है कि सरकार पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.

पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का स्तर 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. इससे देश को विदेशी मुद्रा बचाने में भी मदद मिली है. अब जब एथेनॉल आधारित वाहनों और फ्यूल स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ेगा, तो एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को भी इसका बड़ा फायदा मिल सकता है. ऐसे में निवेशकों की नजर इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों पर बनी हुई है.

Balrampur Chini Mills

  • Balrampur Chini Mills देश की बड़ी चीनी कंपनियों में शामिल है. कंपनी चीनी के साथ-साथ एथेनॉल और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी काम करती है.
  • कंपनी ने वर्ष 1996 में ही एथेनॉल कारोबार में कदम रख दिया था. यह गन्ने के रस, अलग-अलग प्रकार के शीरे और अनाज से एथेनॉल बना सकती है.
  • FY25 तक कंपनी की कुल एथेनॉल उत्पादन क्षमता 1,050 किलोलीटर प्रतिदिन (KLPD) थी. इसके लिए कंपनी के पास पांच डिस्टिलरी प्लांट हैं.
  • कंपनी की कुल आय में एथेनॉल कारोबार का योगदान लगभग 25.6 प्रतिशत रहा. कंपनी का बड़ा हिस्सा तेल कंपनियों को एथेनॉल सप्लाई करने में जाता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है.

EID Parry

  • EID Parry पारंपरिक रूप से चीनी कारोबार से जुड़ी कंपनी रही है, लेकिन अब कंपनी एथेनॉल और बायो-एनर्जी पर ज्यादा ध्यान दे रही है.
  • कंपनी अलग-अलग कच्चे माल की मदद से एथेनॉल तैयार करती है और इसे तेल विपणन कंपनियों को सप्लाई करती है.
  • FY25 की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की डिस्टिलरी क्षमता 120 KLPD तक पहुंच चुकी है. जून 2024 में कंपनी ने नया एथेनॉल प्लांट भी शुरू किया था, जिससे प्रोडक्शन क्षमता बढ़ी है.
  • कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में एथेनॉल की मांग तेजी से बढ़ेगी और इसका सीधा फायदा उसके कारोबार को मिलेगा.

एथेनॉल सेक्टर में क्यों दिख रहा मौका

सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाना और देश में एथेनॉल आधारित ईंधन का इस्तेमाल बढ़ाना है. विशेष एथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू होने और एथेनॉल वाहनों की संख्या बढ़ने से इस ईंधन की मांग और बढ़ सकती है. इसी वजह से Balrampur Chini Mills और EID Parry जैसी कंपनियां निवेशकों की नजर में बनी हुई हैं. आने वाले वर्षों में एथेनॉल सेक्टर भारत के ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण कहानी बन सकता है.

यह भी पढ़ें: Dividend-Bonus Share: अगले हफ्ते 40 से अधिक कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, चेक करें रिकॉर्ड डेट

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.