FII को क्यों पसंद आ रहा South Indian Bank? 5 तिमाहियों से लगातार बढ़ा रहे हिस्सेदारी; जानें क्या है वजह

South Indian Bank में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी लगातार पांच तिमाहियों से बढ़ रही है. मार्च 2025 में 11.96 फीसदी रही हिस्सेदारी मार्च 2026 तक बढ़कर 24.21 फीसदी पहुंच गई. बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, घटते NPA, बढ़ते नेट प्रॉफिट और आकर्षक वैल्यूएशन ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है.

शेयर मार्केट Image Credit: Money9 Live

South Indian Bank: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बीच एक बैंकिंग पेनी स्टॉक ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है. जहां एक तरफ विदेशी निवेशक 2026 में भारतीय शेयरों से बड़े पैमाने पर पैसा निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर South Indian Bank में उनकी दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है. यही कारण है कि विदेशी निवेशकों ने इस निजी क्षेत्र के बैंक में लगातार पांच तिमाहियों तक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.

इतनी बढ़ी हिस्सेदारी

Equitymaster की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 में South Indian Bank में FII की हिस्सेदारी 11.96 फीसदी थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 24.21 फीसदी पहुंच गई. यानी केवल एक वर्ष के भीतर विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी दोगुने से भी अधिक हो गई है. यह बढ़ोतरी बैंक के कारोबार में सुधार, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और आकर्षक वैल्यूएशन के कारण देखने को मिल रही है.

लगातार बढ़ रही FII हिस्सेदारी

मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच South Indian Bank में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है. जून 2025 में यह 17.58 फीसदी, सितंबर 2025 में 17.91 फीसदी, दिसंबर 2025 में 20.94 फीसदी और मार्च 2026 में 24.21 फीसदी तक पहुंच गई. किसी स्टॉक में लगातार पांच तिमाहियों तक विदेशी निवेशकों की खरीदारी यह संकेत देती है कि बड़े वैश्विक फंड कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं. आमतौर पर इस तरह की खरीदारी बाजार में निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाती है.

आकर्षक वैल्यूएशन बनी बड़ी वजह

South Indian Bank की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे इसकी आकर्षक वैल्यूएशन को भी अहम कारण माना जा रहा है. बैंक का प्राइस टू अर्निंग (PE) रेशियो 7.91 है, जबकि इंडस्ट्री का प्राइस टू अर्निंग (PE) रेशियो 12.49 है. वहीं, प्राइस टू बुक (PB) रेशियो 1.01 के आसपास है.

मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी

पिछले तीन वर्षों में बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में बेहतर सुधार देखने को मिला है. वित्त वर्ष 2023 में बैंक का नेट प्रॉफिट 7.75 अरब रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 13.03 अरब रुपये हो गया. वहीं, वित्त वर्ष 2026 में बैंक ने 14.55 अरब रुपये का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक नेट प्रॉफिट दर्ज किया. बैंक का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2026 में 15 फीसदी बढ़कर 2.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया. इसी अवधि में कुल जमा राशि भी 15 फीसदी बढ़कर 1.23 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है.

NPA में बड़ी गिरावट

South Indian Bank के लिए सबसे सकारात्मक पहलुओं में से एक इसकी एसेट क्वालिटी में सुधार है. वित्त वर्ष 2026 में बैंक का सकल NPA (Gross NPA) 3.2 फीसदी से घटकर 1.43 फीसदी पर आ गया. वहीं, शुद्ध NPA (Net NPA) 0.92 फीसदी से घटकर केवल 0.29 फीसदी रह गया. NPA में यह तेज गिरावट दिखाती है कि बैंक की लोन वसूली और रिस्क मैनेजमेंट प्रणाली पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है. यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा बैंक पर बढ़ रहा है.

कैसा है शेयर का हाल

South Indian Bank का शेयर शुक्रवार को 1.37 फीसदी गिरकर 44 रुपये पर पहुंच गया. पिछले एक सप्ताह में इसके शेयर में 6.47 फीसदी की तेजी आई है. कंपनी ने बीते एक साल में 49.51 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.