ई वेस्ट सेक्टर में किस शेयर पर लगाएं दांव, Namo eWaste या Eco Recycling कौन देगा बेहतर रिटर्न
भारत में तेजी से बढ़ रहे ई वेस्ट बाजार के बीच Namo eWaste और Eco Recycling निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर उभरे हैं. Namo eWaste जहां बड़ी रीसाइक्लिंग क्षमता और बैटरी मिनरल रिकवरी पर जोर दे रही है.
E Waste Stocks: भारत में ई वेस्ट तेजी से बढ़ रहा है. स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक व्हीकल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक इंक्विपमेंट के इस्तेमाल में बढ़ोतरी से ई वेस्ट रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है. सरकार के EPR नियम और सर्कुलर इकॉनमी पर जोर से इस सेक्टर को नई रफ्तार मिल रही है. ऐसे में निवेशकों की नजर Namo eWaste और Eco Recycling जैसे शेयरों पर है. दोनों कंपनियां इस तेजी से उभरते बाजार में मजबूत स्थिति रखती हैं, लेकिन इनके बिजनेस मॉडल और ग्रोथ रणनीति अलग-अलग हैं.
Namo eWaste ने दिखाई तेज कमाई की रफ्तार
वित्त वर्ष 2026 में Namo eWaste का प्रदर्शन शानदार रहा. कंपनी की इनकम 29 फीसदी बढ़कर 195.13 करोड़ रुपये पहुंच गई. EBITDA में 56 फीसदी और नेट प्रॉफिट में 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी ने अपनी रीसाइक्लिंग क्षमता बढ़ाकर 82000 MTPA कर दी है. साथ ही लिथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे महत्वपूर्ण मिनरल निकालने के लिए हाइड्रोमेटलर्जी प्लांट पर भी निवेश किया है. इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई और मजबूत हो सकती है.
डायवर्स बिजनेस पर फोकल
Eco Recycling ने भी वित्त वर्ष 2026 में स्थिर प्रदर्शन किया. कंपनी की नेट सेल्स 10 फीसदी बढ़कर 48.18 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल इनकम 52.81 करोड़ रुपये पहुंच गई. कंपनी का EBITDA मार्जिन 63.09 फीसदी और PAT मार्जिन 43.33 फीसदी रहा. Eco Recycling केवल ई वेस्ट रीसाइक्लिंग तक सीमित नहीं है. कंपनी IT Asset Disposal, Data Destruction, Reverse Logistics, EPR Compliance और डिजिटल कलेक्शन प्लेटफॉर्म जैसी कई सर्विस भी देती है.
दोनों कंपनियों में क्या है सबसे बड़ा अंतर
Namo eWaste का फोकस ज्यादा से ज्यादा रीसाइक्लिंग क्षमता बढ़ाने और बैटरी से महत्वपूर्ण मिनरल निकालने पर है. कंपनी के पास चार प्लांट, 26 से ज्यादा कलेक्शन सेंटर और 300 से अधिक ग्राहक हैं. दूसरी ओर Eco Recycling ने टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटीग्रेटेड मॉडल तैयार किया है. कंपनी मोबाइल रीसाइक्लिंग यूनिट, स्मार्ट बिन, डेटा डिस्ट्रक्शन और ईपीआर सर्विस के जरिए ग्राहकों को एंड टू एंड साल्यूशन देती है. यही इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है.
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FY27 में क्या रहेंगे ग्रोथ ट्रिगर
Namo eWaste हैदराबाद में 25000 MT क्षमता वाले नए प्लांट का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है. इसके अलावा नासिक में बैटरी मिनरल रिकवरी प्लांट भी लगाया जा रहा है. वहीं Eco Recycling बैटरी रीसाइक्लिंग, डिजिटल कलेक्शन, रिवर्स लॉजिस्टिक्स और पर्यावरण सेवाओं का विस्तार कर रही है. दोनों कंपनियों को EV सेक्टर की तेजी, बैटरी वेस्ट में बढोतरी और EPR नियमों के सख्त पालन से फायदा मिलने की उम्मीद है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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