17 महीने में निफ्टी वहीं का वहीं, निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल, रिटर्न के नाम पर मिला झुनझुना
एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर पर दबाव है, वहीं दूसरी ओर टैरिफ वार और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे जियो पॉलिटिकल घटनाक्रम निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर रहे हैं. करीब एक साल पहले तक तेजी से भाग रहे बाजार के लिए यह स्थिति बिल्कुल उलट है.
भारतीय शेयर बाजार में पिछले करीब 17 महीनों से निवेशकों को खास रिटर्न नहीं मिला है. इस दौरान Nifty 50 अपने जनवरी के शिखर से करीब 8 प्रतिशत नीचे बना हुआ है, जबकि स्मॉलकैप शेयर भी अपने 52 हफ्ते के हाई से लगभग 15 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं. बाजार में आई इस लंबी सुस्ती ने निवेश रणनीतियों पर फिर से सोचने को मजबूर कर दिया है. लगभग सभी निवेशकों का पोर्टफोलियो लाल है. एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर पर दबाव है, वहीं दूसरी ओर टैरिफ वार और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे जियो पॉलिटिकल घटनाक्रम निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर रहे हैं. करीब एक साल पहले तक तेजी से भाग रहे बाजार के लिए यह स्थिति बिल्कुल उलट है. टेक्नोलॉजी बदलाव और वैश्विक संघर्षों का मिला-जुला असर निवेशकों के भरोसे को झटका दे रहा है.
वैल्यूएशन काफी आकर्षक
हालांकि, इस गिरावट के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक हो चुके हैं और यह इक्विटी में निवेश बढ़ाने का मौका हो सकता है. पिछले एक साल में भारतीय बाजार के कमजोर प्रदर्शन का पॉजिटिव पहलू यह है कि अब वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गए हैं. यह निवेशकों को पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षा का मार्जिन देता है.
बैंक निफ्टी भी धड़ाम
- बैंक निफ्टी में पिछले एक महीने में 8.1 फीसदी की गिरावट देखी गई, जो शॉर्ट टर्म करेक्शन है.
- वहीं, तीन महीने में 5.5 फीसदी नीचे है, जो मिड-टर्म कमजोरी दिखाता है.
- 6 महीने के फ्रेम में 2.2 फीसदी की मामूली तेजी रही है.
- एक साल में 15.6 फीसदी का मजबूत अपट्रेंड बना हुआ है, जिसमें लो-हाई रेंज 5426-6174 से 4772-6174 तक रही है.
IT इंडेक्स का बड़ा योगदान
- निफ्टी के गिरने में एक बड़ा योगदान निफ्टी IT इंडेक्स का होता है. निफ्टी में इसका वेटेज करीब 11 फीसदी का होता है. साल 2026 की शुरुआत में भारतीय आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है.
- निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2008 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मार्केट वैल्यू साफ हो गई.
- पिछले एक महीने में इंडेक्स 17 फीसदी टूटा है. वहीं, एक साल में 21 फीसदी गिरा है.
- इस दौरान TCS, Infosys और HCL Tech जैसे दिग्गज आईटी शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए. बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संभावित डिसरप्शन, अमेरिका और यूरोप से कमजोर डिमांड और मार्जिन पर बढ़ता दबाव है. इन कारणों से आईटी सेक्टर के शेयरों पर लगातार दबाव बना हुआ है.
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