Nifty Outlook 12 March: बना लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न, डेली चार्ट पर बड़ी बेयरिश कैंडल, जानें क्या हो आगे की स्ट्रैटेजी

आने वाले सत्रों में निफ्टी के लिए 23,750 से 23,700 का रेंज अहम सपोर्ट जोन रहेगा. अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में कमजोरी और बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में निफ्टी पहले 23,500 और उसके बाद 23,300 तक फिसल सकता है. वहीं ऊपर की तरफ 23,950 से 24,000 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा.

Nifty Outllok Image Credit: Canva, tv9

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को भारी दबाव में बंद हुआ. लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली. खासकर बैंकिंग और ऑटो शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,342 अंक गिरकर 76,864 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 395 अंक टूटकर 23,867 के स्तर पर आ गया और 23,900 के नीचे फिसल गया. बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली. Nifty Bank इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा यानी करीब 1,215 अंक गिरकर 55,736 पर बंद हुआ. बैंकिंग पैक में Axis Bank, Kotak Mahindra Bank और IndusInd Bank जैसे शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे. ऐसे में सवाल यह है कि 12 मार्च को बाजार की रणनीति क्या हो सकती है. आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय.

ये लेवल टूटा तो आएगी बड़ी बिकवाली

SBI Securities के हेड टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के मुताबिक, आने वाले सत्रों में निफ्टी के लिए 23,750 से 23,700 का रेंज अहम सपोर्ट जोन रहेगा. अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में कमजोरी और बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में निफ्टी पहले 23,500 और उसके बाद 23,300 तक फिसल सकता है. वहीं ऊपर की तरफ 23,950 से 24,000 का रेंज मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा. जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर नहीं निकलता, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है.

बैंक निफ्टी में बड़ी बेयरिश कैंडल

सुदीप शाह के मुताबिक, Nifty Bank इंडेक्स को 57,000 से 57,100 के दायरे में मजबूत रेजिस्टेंस मिला और इसके बाद पूरे दिन इसमें गिरावट देखने को मिली. अंत में इंडेक्स 55,736 पर बंद हुआ, जो करीब 2.13 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है. चार्ट पर इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई है, जिसने पिछले सत्र की पूरी तेजी को खत्म कर दिया. यह बाजार में दोबारा बढ़ती बिकवाली का संकेत देता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, बैंक निफ्टी के लिए 55,400 से 55,300 का स्तर तुरंत सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है. अगर इंडेक्स इसके नीचे टिकता है तो गिरावट बढ़कर 54,900 और उसके बाद 54,500 तक जा सकती है. वहीं ऊपर की तरफ 56,100 से 56,200 का रेंज मजबूत रेजिस्टेंस रहेगा.

लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न बना

ब्रोकरेज फर्म Bajaj Broking के मुताबिक, Nifty 50 ने चार्ट पर एक बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया है. इंडेक्स ने लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न बनाया है, जो यह संकेत देता है कि पिछले सत्रों में आई तेजी को बाजार आगे बढ़ाने में नाकाम रहा. इंडेक्स फिलहाल 24,000 से 23,700 के अहम सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है. यह स्तर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां 100 वीक EMA और एक ट्रेंडलाइन सपोर्ट मौजूद है, जो CY23 और CY25 के लो को जोड़ती है. अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो आने वाले समय में इंडेक्स 24,400 से 23,700 के दायरे में कंसोलिडेशन कर सकता है. हालांकि अगर इंडेक्स 23,700 के नीचे फिसलता है तो गिरावट और बढ़ सकती है और निफ्टी 23,300 से 23,200 के स्तर तक जा सकता है.

लोअर टॉप बनाने के बाद निफ्टी में तेज गिरावट

HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, हाल के निचले स्तरों से दो सत्रों की अच्छी रिकवरी के बाद बुधवार को बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. दिन की शुरुआत भले ही फ्लैट हुई, लेकिन उसके बाद पूरे सत्र में बाजार लगातार फिसलता रहा. बीच बीच में जो छोटी रिकवरी आई, उसे भी ट्रेडर्स ने बिकवाली के मौके के रूप में इस्तेमाल किया. डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है, जो यह संकेत देती है कि मंगलवार को 24,300 के आसपास नया लोअर टॉप बनाने के बाद निफ्टी में तेज गिरावट आई है. इसके अलावा 9 मार्च को बने डाउनसाइड गैप का केवल कुछ हिस्सा ही भरा है, जो तकनीकी तौर पर अच्छा संकेत नहीं माना जाता.

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