रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में फंसा निफ्टी, जानें किस लेवल पर आएगा नया ब्रेकआउट; एक्सपर्ट ने बताए सपोर्ट और रेजिस्टेंस
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल 23,800 से 24,200 के दायरे में कारोबार कर रहा है. 23,800-23,750 का लेवल तत्काल सपोर्ट रहेगा. वहीं, अगर निफ्टी 24,100 के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज करता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है. फिलहाल निवेशकों को अहम तकनीकी स्तरों पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
Nifty Outlook: मंगलवार को शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का माहौल बना रहा. कारोबार की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन निफ्टी 24,000 के ऊपर टिक नहीं पाया और आखिर में 80 अंक की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तरों के करीब बंद हुआ. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी और जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि फिलहाल बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है.
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, रुपये की मजबूती और एफआईआई की बिकवाली में कमी बाजार को सहारा दे सकती है.
HDFC सिक्योरिटीज ने क्या कहा ?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक, मंगलवार को बाजार में कमजोरी और उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिले. कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन ज्यादातर समय निफ्टी 24,000 के ऊपर टिक नहीं सका. जून सीरीज की F&O एक्सपायरी के कारण दिन के दौरान हल्की अस्थिरता भी देखने को मिली. आखिर में निफ्टी करीब 80 अंक टूटकर दिन के निचले स्तरों के आसपास बंद हुआ.
तकनीकी चार्ट पर मंगलवार को एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है, जिसमें नीचे की ओर हल्की शैडो दिखाई दी. नागराज शेट्टी के अनुसार, यह बाजार में कमजोरी और रेंज-बाउंड कारोबार का संकेत है. फिलहाल निफ्टी 23,800 से 24,200 के दायरे में बना हुआ है. उनके मुताबिक, 23,800-23,750 का स्तर तत्काल सपोर्ट है, जबकि 24,100 के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर बाजार में आगे तेजी देखने को मिल सकती है.
बाजार पर किन वजहों का रहा असर?
Geojit Investments Limited के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, मंगलवार को घरेलू बाजार सीमित दायरे में रहा और अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, हालांकि झुकाव कमजोरी की ओर था. आईटी सेक्टर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनाने वाला सेक्टर रहा. विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पहले की तुलना में कम हुआ है, लेकिन अमेरिका-ईरान शांति समझौता अभी भी नाजुक स्थिति में है. इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिका के रोजगार संबंधी आंकड़ों और नए फेड चेयर की टिप्पणियों पर रहेगी. घरेलू स्तर पर कमजोर मानसून और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के कमजोर नतीजों की आशंका भी बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही है.
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, रुपये की मजबूती और एफआईआई की बिकवाली में कमी निकट अवधि में बाजार को सहारा दे सकती है. उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में लार्जकैप शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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