डूबा पाकिस्तान का शेयर बाजार, 5000 अंक टूटा, रुक गई ट्रेडिंग; ईरान पर हमले से KSE में भारी बिकवाली
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच सोमवार को पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह टूट गया. KSE-30 इंडेक्स करीब 9.6% गिर गया, जिससे ट्रेडिंग 45 मिनट के लिए रोकनी पड़ी. अफगानिस्तान सीमा तनाव और देश में विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ा दिया.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बीच सोमवार को पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह टूट गया. बाजार में तेज गिरावट के कारण कराची स्टॉक एक्सचेंज KSE-30 इंडेक्स में ट्रेडिंग को 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा. सोमवार को कारोबार की शुरुआत में KSE-30 इंडेक्स करीब 9.73% यानी लगभग 4,995.92 अंक गिरकर 46,326.4 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह पाकिस्तान के शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है.
ट्रेडिंग फिर शुरू होने पर भी कमजोरी
ट्रेडिंग दोबारा शुरू होने के बाद भी बाजार में दबाव बना रहा और KSE-30 इंडेक्स करीब 9.25% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा. हालांकि इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद इस साल के लिहाज से पाकिस्तान का बाजार अब भी करीब 32% ऊपर बना हुआ है.
गिरावट की वजह क्या है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध और क्षेत्रीय तनाव बड़ी वजह है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला. इसके अलावा पाकिस्तान के लिए एक और चिंता अफगानिस्तान के साथ बढ़ता सीमा विवाद भी है. दोनों देशों के बीच हाल ही में सीमा पार हमले हुए हैं जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. मिंट ने कराची स्थित ब्रोकरेज फर्म अरिफ हबीब के इंटरनेशनल इक्विटी सेल्स हेड बिलाल खान के हवाले से बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और देश के अंदर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है.
वैश्विक बाजारों में भी दबाव
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. एशियाई शेयर बाजार करीब 1.3% गिर गए जबकि अमेरिकी इंडेक्स फ्यूचर्स 0.6% नीचे रहे. यूरोप में भी EURO STOXX 50, DAX और FTSE फ्यूचर्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे.
देश के अंदर का हाल
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के बाहर हुई झड़पों के दौरान अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों की फायरिंग में कम से कम 12 पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए.
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