‘बिटकॉइन बेच दें, 50000 डॉलर के नीचे जा सकती हैं कीमतें’, एक्सपर्ट ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी
क्रिप्टो आलोचक पीटर शिफ ने चेतावनी दी है कि बिटकॉइन 50,000 डॉलर के नीचे टूट सकता है और आगे 20,000 डॉलर तक गिरने का खतरा है. उन्होंने कहा कि इस बार गिरावट ज्यादा गहरी हो सकती है क्योंकि बाजार में भारी हाइप, लीवरेज और संस्थागत निवेश जुड़ा है इसलिए निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है.
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मशहूर अर्थशास्त्री और क्रिप्टो आलोचक पीटर शिफ ने एक बार फिर निवेशकों को सावधान किया है. शिफ का कहना है कि बिटकॉइन मौजूदा स्तर से गिरकर 50,000 डॉलर के नीचे जा सकता है और अगर यह स्तर टूटा तो कीमत 20,000 डॉलर तक भी फिसल सकती है. पीटर शिफ एक अमेरिकी अर्थशास्त्री और फंड मैनेजर हैं जो लंबे समय से बिटकॉइन के आलोचक और सोने के समर्थक रहे हैं. उन्होंने 2008 के वित्तीय संकट की भविष्यवाणी भी पहले की थी. आइये जानते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा है और बिटकॉइन की मौजूदा कीमत क्या चल रही है?
अभी बिटकॉइन बेच दें: शिफ
पीटर शिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा है कि अगर बिटकॉइन 50,000 डॉलर के नीचे जाता है तो इसमें भारी गिरावट आ सकती है. उन्होंने निवेशकों को चेतावनी देते हुए कहा, “इसमें अपने ऑल-टाइम हाई से 84% की गिरावट हो सकती है. मुझे पता है कि बिटकॉइन पहले भी ऐसा कर चुका है, लेकिन कभी इतने हाइप, लीवरेज, संस्थागत हिस्सेदारी और मार्केट कैप के साथ नहीं. अभी बिटकॉइन बेच दें!”
शिफ ने अमेरिकी डॉलर को लेकर भी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि डॉलर पर भरोसा कम हो रहा है और केंद्रीय बैंक सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि आने वाला वित्तीय संकट 2008 की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है.
कितना टूट चुका है बिटकॉइन
बिटकॉइन अपने ऑल-टाइम हाई 1,26,198 डॉलर (अक्टूबर 2025) से करीब 46% नीचे कारोबार कर रहा है. 2026 की शुरुआत भी कमजोर रही है. इस साल अब तक बिटकॉइन में करीब 23% गिरावट आ चुकी है जिसमें जनवरी में 10% और फरवरी में करीब 15% की कमजोरी शामिल है. 2025 में भी इसमें 17% की गिरावट दर्ज की गई थी.
क्या भाव है अभी
हालांकि, शुक्रवार के सत्र में बिटकॉइन में हल्की रिकवरी भी देखी गई. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण बिटकॉइन 1.7 फीसदी की तेजी के साथ 68,131 डॉलर के ऊपर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर 10-15 दिन का समय दिया है जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है और इसका असर क्रिप्टो बाजार पर भी दिख रहा है.
