न्यूक्लियर सेक्टर में इस कंपनी की बढ़ी ताकत! ₹800 करोड़ कैश, कर्ज न के बाराबर; 6 महीने में 24% तक चढ़ा शेयर; रखें नजर

Ratnamani Metals & Tubes के पास करीब 800 करोड़ रुपये का फ्री कैश है और कंपनी पूरी तरह कर्जमुक्त है. न्यूक्लियर सेक्टर में बढ़ते अवसर, मजबूत ऑर्डर बुक और सहायक कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से कंपनी को आने वाले वर्षों में ग्रोथ की उम्मीद है. हालांकि, मिडिल ईस्ट संकट की वजह से निर्यात कारोबार पर फिलहाल कुछ दबाव बना हुआ है.

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Ratnamani Metals & Tubes Limited: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, लेकिन Ratnamani Metals & Tubes की नजर अब न्यूक्लियर सेक्टर में मिलने वाले नए अवसरों पर है. कंपनी के पास करीब 800 करोड़ रुपये का कैश है, उस पर कोई कर्ज नहीं है और उसकी सहायक कंपनियां भी तेजी से कारोबार बढ़ा रही हैं.

न्यूक्लियर कारोबार से बड़ी उम्मीद

Ratnamani Metals & Tubes लिमिटेड फिलहाल भारत में Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL) के लिए न्यूक्लियर अप्रूव्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी वाली इकलौती कंपनी है. कंपनी को मिस्र, तुर्किये और हंगरी के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए भी सप्लाई की मंजूरी मिल चुकी है.

कंपनी के CEO मनोज सांघवी के मुताबिक, भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर क्षमता का लक्ष्य रखा है. एक 1 गीगावाट के न्यूक्लियर प्लांट के लिए करीब 4,000 से 5,000 टन पाइप स्पूल की जरूरत होती है. जमीन अधिग्रहण के 1 से 1.5 साल के भीतर पाइप स्पूल के ऑर्डर मिलने लगते हैं और सप्लाई में 6 से 18 महीने का समय लगता है.

कंपनी के शेयर का हाल?

Ratnamani Metals & Tubes Ltd का मार्केट कैप 17,180 करोड़ रुपये है. कंपनी का शेयर 23 जुलाई सुबह 10:31 बजे 2,451 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से 1.10 फीसदी नीचे था. कंपनी का स्टॉक 35.1 के P/E पर ट्रेड कर रहा है. इसकी बुक वैल्यू 586 रुपये प्रति शेयर है, जबकि डिविडेंड यील्ड 0.41 फीसदी है. कंपनी का ROCE 17.9 फीसदी और ROE 12.6 फीसदी है. वहीं, शेयर का 52 हफ्ते का हाई लेवल 3,345 रुपये और लो लेवल 1,900 रुपये रहा है. फेस वैल्यू 2 रुपये प्रति शेयर है.

सिर्फ 6 महीने में दिया 24 फीसदी का रिटर्न

पिछले 6 महीनों में कंपनी के शेयर ने 24 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है. हालांकि, एक साल के दौरान शेयर पर दबाव देखने को मिला. वहीं, पिछले 5 सालों में कंपनी के शेयर ने निवेशकों को 78 फीसदी का रिटर्न देकर लंबी अवधि में मजबूत प्रदर्शन किया है.

सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत

कंपनी की सहायक इकाई Ratnamani Finow Spooling Solutions (RFSS) ने ऑपरेशनल के पहले पूरे वित्त वर्ष में 390 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया. मार्च तिमाही (Q4) में कंपनी की आय 72 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर करीब 60 फीसदी अधिक है.

दूसरी सहायक कंपनी Ravi Technoforge का Q4 राजस्व 28% बढ़कर 105 करोड़ रुपये पहुंच गया. पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की आय 33% बढ़कर 377 करोड़ रुपये रही. परिचालन क्षमता बढ़ने से EBITDA मार्जिन 10% से बढ़कर 12% हो गया है. कंपनी ऑटो पार्ट्स समेत नए ग्राहक जोड़ने के लिए क्षमता विस्तार पर काम कर रही है.

मिडिल ईस्ट संकट से कारोबार पर दबाव

कंपनी ने माना कि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कार्बन स्टील के निर्यात पर असर पड़ा है. शिपिंग में देरी और बढ़े हुए फ्रेट चार्ज की वजह से पिछले वित्त वर्ष में करीब 100-150 करोड़ रुपये का माल समय पर निर्यात नहीं हो सका.

वहीं, पावर सेक्टर में स्टेनलेस स्टील ट्यूब्स के मार्जिन पर भी कुछ दबाव आ सकता है. हालांकि कंपनी का मानना है कि यह असर अस्थायी रहेगा, क्योंकि कई ग्राहक अब केवल एक्सट्रूडेड ट्यूब्स की मांग कर रहे हैं.

FY27 के लिए क्या है कंपनी का अनुमान?

कंपनी ने FY27 के लिए स्टैंडअलोन राजस्व 4,800 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान दिया है. यह अनुमान इस आधार पर है कि मिडिल ईस्ट की स्थिति अगले एक महीने में सामान्य हो जाएगी. यदि तनाव लंबा चलता है तो राजस्व अनुमान प्रभावित हो सकता है. कंपनी ने स्टैंडअलोन पाइप कारोबार के लिए EBITDA मार्जिन 16% (±1%) रहने का अनुमान जताया है. वहीं Ravi Technoforge के लिए 10 से 15% और RFSS के लिए 20 से 25 फीसदी राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है.

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

Q4 FY26 में कंपनी की समेकित (Consolidated) बिक्री 1,085 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 1,715 करोड़ रुपये थी. पूरे वित्त वर्ष FY26 में समेकित बिक्री 4,494 करोड़ रुपये रही, जो FY25 के 5186 करोड़ रुपये से कम है. स्टैंडअलोन आधार पर मार्च तिमाही की बिक्री 893 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,575 करोड़ रुपये थी. हालांकि बिक्री घटने के बावजूद EBITDA मार्जिन लगभग स्थिर बना रहा.

ऑर्डर बुक कितनी है?

1 मई 2026 तक कंपनी की समेकित ऑर्डर बुक 2,160 करोड़ रुपये की थी, जिसमें लगभग 700 करोड़ रुपये के निर्यात ऑर्डर शामिल हैं. स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक में 531 करोड़ रुपये के स्टेनलेस स्टील और 1631 करोड़ रुपये के कार्बन स्टील ऑर्डर हैं. इनमें से 697 करोड़ रुपये के ऑर्डर निर्यात से जुड़े हैं.

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