बुरी तरह टूटा RIL, 19 महीने बाद आई ऐसी बिकवाली, निवेशकों के डूबे ₹1 लाख करोड़, जानें क्यों मची खलबली

यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद Reliance Industries के शेयर की सबसे बड़ी इंट्रा डे गिरावट मानी जा रही है. गिरावट के दौरान शेयर अपने 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया, जिससे एक ही सत्र में कंपनी के मार्केट कैप से करीब 1 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए.

Why Reliance Industries Share Price Crashed: मंगलवार को Reliance Industries Limited के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. बीएसई पर शेयर इंट्रा डे में करीब 5 फीसदी टूटकर 1,497.05 रुपये के निचले स्तर तक आ गया. यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद Reliance Industries के शेयर की सबसे बड़ी इंट्रा डे गिरावट मानी जा रही है. यानी 19 महीने बाद ऐसी बिकवाली देखने को मिली है. गिरावट के दौरान शेयर अपने 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया, जिससे एक ही सत्र में कंपनी के मार्केट कैप से करीब 1 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए.

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निफ्टी पर भी पड़ा भारी असर

Reliance Industries इस गिरावट के चलते निफ्टी 50 पर सबसे बड़ा दबाव डालने वाला शेयर बन गया. अकेले Reliance के कारण निफ्टी में करीब 82 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. सोशल मीडिया एक्स पर जारी बयान में कंपनी ने साफ कहा कि जामनगर रिफाइनरी को पिछले तीन हफ्तों में कोई भी रूसी तेल का कार्गो नहीं मिला है और जनवरी महीने में भी किसी रूसी कच्चे तेल की डिलीवरी की उम्मीद नहीं है.

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क्या था Bloomberg की रिपोर्ट में

Bloomberg की रिपोर्ट में Kpler के डेटा का हवाला देते हुए कहा गया था कि रूसी कच्चा तेल लेकर आ रहे तीन जहाज Reliance की जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि Reliance ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया. हालांकि, रूस यूक्रेन युद्ध के बाद Reliance सस्ता रूसी कच्चा तेल खरीदने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल थी, लेकिन अब कंपनी ने इस तरह की खरीद को फिलहाल रोक दिया है.

रूस से भारत के तेल आयात में और गिरावट के संकेत

Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक Reliance द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने के बाद भारत का रूस से तेल आयात जनवरी में और घट सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की सख्त पाबंदियों के चलते पहले ही रूस से भारत आने वाले तेल की सप्लाई में कमी आई है. दिसंबर में भारत का रूस से तेल आयात घटकर करीब 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया, जो करीब तीन साल का निचला स्तर है. यह आंकड़ा जून में करीब 20 लाख बैरल प्रति दिन के स्तर से लगभग 40 फीसदी कम है.

शेयर की मौजूदा चाल

6 जनवरी को Reliance Industries का शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहा था. शेयर 4.47 फीसदी टूटकर 1,507.5 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 2.47 फीसदी फिसला है. हालांकि, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म में शेयर की चाल मजबूत रही है. पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 10.57 फीसदी चढ़ा है, जबकि एक साल में इसमें करीब 20.49 फीसदी की तेजी आई है. दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में ही शेयर ने नया 52-वीक हाई भी बनाया था.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.