चिप मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का मेगा प्लान, क्या ये 2 शेयर बन सकते हैं अगले मल्टीबैगर? चेक करें डिटेल

केंद्र सरकार ISM के दूसरे चरण को 5 साल से बढ़ाकर 12 साल तक ले जाने की योजना बना रही है. इसके लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश की तैयारी हो रही है. सरकार का लक्ष्य सिर्फ chip factories लगाना नहीं, बल्कि पूरे semiconductor ecosystem को मजबूत बनाना है.

Semiconductors Stocks Image Credit: AI/Canva

Semiconductor stocks: भारत अब semiconductor sector में बड़ी ताकत बनने की तैयारी कर रहा है. केंद्र सरकार ISM के दूसरे चरण को 5 साल से बढ़ाकर 12 साल तक ले जाने की योजना बना रही है. इसके लिए करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश की तैयारी हो रही है. सरकार का लक्ष्य सिर्फ chip factories लगाना नहीं, बल्कि पूरे semiconductor ecosystem को मजबूत बनाना है. इसमें raw materials, speciality chemicals, gases, packaging और supply chain जैसे क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा.

अगर यह योजना सफल रहती है, तो भारत आने वाले समय में Taiwan और South Korea जैसे देशों की तरह semiconductor sector में मजबूत पहचान बना सकता है. इसी बीच बाजार में कुछ ऐसे शेयर चर्चा में हैं जिन्हें ISM 2.0 का बड़ा फायदा मिल सकता है. इनमें Tata Chemicals और Stallion India Fluorochemicals जैसे नाम शामिल हैं.

ISM 2.0 में क्या होगा खास

सरकार semiconductor sector में अब लंबी अवधि की योजना पर काम कर रही है. पहले चरण में सरकार ने करीब 76 हजार करोड़ रुपये की योजना शुरू की थी, जिसमें Micron और Tata-Powerchip जैसे बड़े projects को मंजूरी मिली थी.

अब दूसरे चरण में सरकार semiconductor-grade chemicals, gases, raw materials और equipment बनाने वाली कंपनियों को ज्यादा समर्थन देने की तैयारी में है. इससे भारत में chip manufacturing की supply chain मजबूत हो सकती है.

Tata Chemicals

पहला नाम Tata Chemicals का है. कंपनी basic chemicals और speciality chemicals कारोबार में काम करती है. कंपनी soda ash, sodium bicarbonate और salt जैसे industrial products बनाती है. इसके अलावा कंपनी speciality silica, agrochemicals और nutrition products कारोबार में भी मौजूद है. Semiconductor sector में Tata Chemicals high-purity materials और speciality chemicals सप्लाई करती है.

इनका इस्तेमाल electronics और chip manufacturing में होता है. ISM 2.0 में semiconductor-grade chemicals और raw materials पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है. ऐसे में विशेषज्ञ Tata Chemicals को इस sector का बड़ा फायदा पाने वाली कंपनियों में देख रहे हैं.

Stallion India

दूसरी कंपनी Stallion India Fluorochemicals है. यह कंपनी fluorochemicals और speciality gases कारोबार में काम करती है. कंपनी के पास 40 से ज्यादा तरह की gases का portfolio है. इनका इस्तेमाल automobiles, air conditioning, electronics, semiconductors और defence जैसे कई sectors में होता है.

कंपनी अब semiconductor-grade gases कारोबार में तेजी से विस्तार कर रही है. इसके लिए Khalapur में liquid helium facility भी तैयार की जा रही है. यह facility semiconductor, solar cell, electronics और fibre optics industries की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है.

Semiconductor sector पर बड़ी उम्मीद

AI, 5G, electronics और defence technology की बढ़ती मांग के कारण semiconductor industry आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकती है. भारत सरकार भी import dependency कम करने और घरेलू manufacturing बढ़ाने पर जोर दे रही है. ऐसे में semiconductor supply chain से जुड़ी कंपनियां आने वाले समय में निवेशकों की नजर में बनी रह सकती हैं. हालांकि बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है, लेकिन ISM 2.0 जैसी बड़ी सरकारी योजना इन sectors के लिए मजबूत growth opportunity मानी जा रही है.

यह भी पढ़ें: महंगा तेल, ग्लोबल कर्ज और बाजार में तनाव… RBI ने बढ़ते झटकों की चेतावनी दी, इन 5 सेक्टर्स में मजबूत बना हुआ है भारत

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.