चढ़ते बाजार को किसकी लगी नजर? सेंसेक्स 1700 अंक तक टूटा, इन 5 वजहों से आई भारी बिकवाली
इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही मिनटों में करीब 8 लाख करोड़ रुपये घट गया और यह 451 लाख करोड़ रुपये से गिरकर लगभग 443 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. आइए इस गिरावट के पीछे की वजह जानते हैं.
Why Stock Market Crashed Today: पिछले हफ्ते बाजार में शानदार रैली देखने को मिली थी. निफ्टी करीब 5 फीसदी तक चढ़ गया था. लेकिन सोमवार, 13 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 1700 अंक टूटकर 75,868 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 500 अंक गिरकर 23,556 के आसपास आ गया. हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी भी आई. बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए. वहीं बैंक निफ्टी भी करीब 2 फीसदी टूट गया. इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही मिनटों में करीब 8 लाख करोड़ रुपये घट गया और यह 451 लाख करोड़ रुपये से गिरकर लगभग 443 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. अब सवाल ये है कि अचानक भागते बाजार को किसकी नजर लग गई?
US-ईरान वार्ता बेनतीजा रही
वीकेंड पर अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिससे बाजार की उम्मीदों को झटका लगा. साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होरमुज को लेकर तनाव बढ़ने से ग्लोबल सप्लाई पर खतरा बना हुआ है.
ट्रंप का टैरिफ बयान
अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद किया जाएगा. ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को तत्काल रोकने आदेश दिया है. इसका असर बाजार पर देखने को मिला है. साथ ही ट्रंप ने चीन को लेकर सख्त रुख दिखाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर चीन ईरान को हथियार सप्लाई करता है तो उस पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है. इससे ट्रेड वॉर की आशंका फिर बढ़ गई है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है. ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयात करने वाले देश के लिए महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ा सकते हैं, जिससे बाजार पर नेगेटिव असर पड़ता है.
कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. जापान, कोरिया और चीन के प्रमुख इंडेक्स गिरावट में रहे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.
रुपये में गिरावट
रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 70 पैसे गिरकर 93.43 के स्तर पर आ गया. कमजोर रुपया और मजबूत डॉलर विदेशी निवेशकों की निकासी को बढ़ा सकता है, जिससे बाजार पर दबाव आता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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