शांति वार्ता फेल होने का साइड इफेक्ट, Sensex-Nifty धड़ाम, बाजार खुलते ही निवेशकों के डूबे ₹8.31 लाख करोड़
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 1600 से ज्यादा अंक टूटकर खुला और निफ्टी भी लाल निशान में रहा. वैश्विक संकेत कमजोर हैं, खासकर एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है.
Share Market Opening Bell 13 April 2026: हफ्ते के पहले कारोबारी दिवस में शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला है. दोनों बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे हैं. BSE Sensex 1600 से अधिक अंक की गिरावट के साथ 75,937.16 पर खुला, वहीं NSE Nifty 50 में भी 450 अंको से अधिक की गिरावट आई है. इस गिरावट के बाद निफ्टी 23,589 के स्तर पर खुला है. इस गिरावट के बाद निवेशकों के 8.31 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं.
ये हैं टॉप लूजर्स
शेयर बाजार में जारी गिरावट का असर कुछ शेयरों पर भी साफ देखने को मिल रहा है. बैंकिंग, ऑटो और तेल-गैस सेक्टर के कई प्रमुख स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. यूनियन बैंक, भारत पेट्रोलियम, ईचर मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मारुति सुजुकी और इंडियन ऑयल भी दबाव में नजर आए.

ये हैं टॉप गेनर्स

Index का क्या है हाल?
बाजार में आज भारी गिरावट के बाद लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. निफ्टी 50 से लेकर मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स तक 1.5% से 2% के बीच की गिरावट दर्ज की गई.

निवेशकों के डूबे ₹8.31 लाख करोड़
बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट की वजह से निवेशकों के 8.31 लाख करोड़ रुपये डूब गए. शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद Sensex का मार्केट कैप 4,50,94,939.58 करोड़ था. सोमवार को आई गिरावट के बाद यह घटकर 4,42,63,873 करोड़ हो गए. इस तरह से सेंसेक्स के मार्केट कैप में 8.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है.
एशियाई बाजार का क्या है हाल?
- Nikkei (जापान): -566 अंक (1.00%)
- Hang Seng (हांगकांग): -348 अंक (1.34%)
- KOSPI (दक्षिण कोरिया): -78 अंक (1.34%)
सोमवार को एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है.
गिफ्ट निफ्टी
- GIFT Nifty: ~23,747 ➝ -272 अंक (1.13%)
गिरावट की वजह?
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत असफल रहने के बाद बाजार में पहले ही अनिश्चितता बढ़ गई थी, लेकिन Strait of Hormuz में अमेरिकी नेवी के दखल की Donald Trump की धमकी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति करने वाले समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का 20% हिस्सा गुजरता है. ऐसे में किसी भी संभावित सैन्य तनाव या बाधा की आशंका से सप्लाई प्रभावित होने का डर बढ़ जाता है. इसी का असर भारत से लेकर एशियाई शेयर बाजार में दिख रहा है.
Data Source – NSE/BSE/Groww
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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