Nifty Outlook 1 June: 23,800 का अहम सपोर्ट टूटा, 1 जून को कैसी रहेगी बाजार की चाल, एक्सपर्ट से जानें
शुक्रवार को निफ्टी में 359 अंकों की बड़ी गिरावट ने बाजार की तस्वीर बदल दी है. 23,800 का अहम सपोर्ट टूटने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. अब बाजार की नजर RBI पॉलिसी, GDP आंकड़ों और ऑटो सेल्स डेटा पर रहेगी, जो अगले हफ्ते की दिशा तय कर सकते हैं.

Nifty Outlook 1 June 2026: शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी कंसोलिडेशन के बाद बीयर ने एक बार फिर बाजार पर अपना नियंत्रण बना लिया है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली के चलते निफ्टी 359.40 अंक (-1.50%) की बड़ी गिरावट के साथ 23,547.75 के स्तर पर बंद हुआ. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बाजार बंद होने के आखिरी 30 मिनट में निफ्टी करीब 300 अंक टूट गया. इस गिरावट के साथ निफ्टी ने 23,800 का वह महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर तोड़ दिया है, जो पिछले कई सत्रों से बाजार को संभाले हुए था. तकनीकी रूप से इस ब्रेकडाउन ने बाजार के ढांचे को कमजोर कर दिया है, जिससे 1 जून को होने वाले कारोबारी सत्र के लिए निवेशक बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं.
कल के बाजार के लिए क्या अहम संकेत हैं?
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा के मुताबिक, 23,800 के नीचे जाने से बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है. अब कल के कारोबार में जो स्तर पहले सपोर्ट था, वही 23,775 से 23,800 के बीच अब सबसे बड़ी रुकावट (इमीडिएट रेजिस्टेंस) का काम करेगा.
अगर गिरावट बढ़ती है, तो निफ्टी के लिए नीचे की तरफ अगला मजबूत बेस 23,250 और उसके बाद 23,166 के पास दिखाई दे रहा है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदिश शाह का भी मानना है कि शॉर्ट टर्म का ट्रेंड कमजोर हो चुका है. उनके अनुसार, शुक्रवार का निचला स्तर यानी 23,484 अब कल के लिए पहला सपोर्ट होगा, और इसके टूटने पर निफ्टी 23,260 के स्तर को छू सकता है.
इन बड़े इवेंट्स पर टिकी रहेगी बाजार की नजर
आने वाला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण और इवेंट्स से भरा रहने वाला है, जिससे बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है. रिलिगेयर ब्रोकिंग के एसवूपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा और स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा के अनुसार, 1 जून को निवेशकों की नजर मई महीने के ऑटो सेल्स आंकड़ों और एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई डेटा पर रहेगी.
इसके अलावा, हफ्ते के दौरान भारत के जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े और शुक्रवार को आने वाली आरबीआई (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी सबसे बड़े उत्प्रेरक का काम करेगी.
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क्या रणनीति अपनाएं निवेशक?
डेरिवेटिव्स डेटा को देखें तो पुट राइटर्स 23,500 से 23,300 के बीच डटे हैं, जबकि कॉल राइटर्स ने 23,800-24,000 के क्षेत्र में आक्रामक पोजीशन बनाई है. इंडिया विक्स (VIX) भी 8.03% बढ़कर 16.18 पर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता को दर्शाता है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी दोबारा क्लोजिंग बेसिस पर 23,800 से 24,000 के पार नहीं जाता, तब तक बाजार का रुख नकारात्मक रहेगा. मौजूदा तकनीकी सेटअप को देखते हुए कल के लिए ‘सेल ऑन राइज’ यानी हर तेजी पर बिकवाली करने की रणनीति ज्यादा व्यावहारिक नजर आ रही है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.