इस सेक्टर में बंपर रैली! गोली की रफ्तार से भाग रहे शेयर, एक खबर ने भर दी जान; जानें पूरा मामला
बैटरी बनाने वाली कंपनियों के लिए लेड सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल में शामिल है. ऑटोमोबाइल, कमर्शियल व्हीकल, इंडस्ट्रियल उपकरण, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, यूपीएस सिस्टम और एनर्जी स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों के निर्माण में इसकी बड़ी हिस्सेदारी होती है.
गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी के माहौल के बीच बैटरी बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में शानदार खरीदारी देखने को मिली. इसी दौरान लेड की कीमतों में आई भारी गिरावट ने बैटरी कंपनियों के शेयरों में नई जान डाल दी. बैटरी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी Exide Industries के शेयर में रही, जो कारोबार के दौरान करीब 6.89 फीसदी उछलकर 417.25 रुपये तक पहुंच गया. इसके अलावा, इस सेक्टर के लगभग सभी शेयरों में रैली देखने को मिली.
लेड की कीमतों में 5.5 फीसदी की गिरावट
MCX पर लेड की कीमत घटकर करीब 196.90 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. यह हालिया हाई 208.50 रुपये प्रति किलोग्राम से करीब 5.5 फीसदी की गिरावट है. लेड, पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी बनाने का सबसे अहम कच्चा माल है. ऐसे में इसकी कीमत कम होने से बैटरी कंपनियों की उत्पादन लागत घट सकती है, जिससे उनके मुनाफे में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है.
बैटरी कंपनियों के शेयरों में दिखी तेजी
लेड की कीमतों में गिरावट के बाद पूरे बैटरी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली.
Exide Industries का शेयर 6.89 फीसदी चढ़कर 417.25 रुपये पर पहुंच गया. शेयर में जोरदार वॉल्यूम भी देखने को मिला. कारोबार के दौरान 15.85 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ, जबकि पिछले 30 दिनों का औसत वॉल्यूम 4.05 लाख शेयर रहा है.
- Amara Raja Energy & Mobility का शेयर 3.30 फीसदी बढ़कर 867.95 रुपये पर पहुंचा.
- Eveready Industries में 2.18 फीसदी की तेजी के साथ भाव 372.35 रुपये रहा.
- Panasonic Energy India का शेयर 1.49 फीसदी बढ़कर 272 रुपये पर कारोबार करता दिखा.
- Nippo Batteries Company में 1.98 फीसदी की बढ़त के साथ भाव 348 रुपये रहा.
वहीं, छोटे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली.
- Goldstar Power का शेयर 4.24 फीसदी चढ़कर 8.60 रुपये पर पहुंच गया.
- Starlit Power Systems का शेयर 4.97 फीसदी की तेजी के साथ 3.59 रुपये पर कारोबार करता दिखा.
लेड की कीमत घटने से क्यों मिलता है फायदा?
बैटरी बनाने वाली कंपनियों के लिए लेड सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल में शामिल है. ऑटोमोबाइल, कमर्शियल व्हीकल, इंडस्ट्रियल उपकरण, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, यूपीएस सिस्टम और एनर्जी स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों के निर्माण में इसकी बड़ी हिस्सेदारी होती है.
ऐसे में जब लेड की कीमतें घटती हैं तो कंपनियों की कच्चे माल की लागत कम हो जाती है. अगर तैयार बैटरियों की बिक्री कीमत स्थिर रहती है, तो कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन और मुनाफा बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है. यही वजह है कि लेड की कीमतों में गिरावट की खबर के बाद निवेशकों ने बैटरी सेक्टर के शेयरों में जमकर खरीदारी की.
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