TCS और Wipro के Q4 रिजल्ट में किसने मारी बाजी, किसका परफॉर्मेंस दमदार; जानें कैसा है शेयर का हाल

भारत के आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां TCS और Wipro के Q4 रिजल्ट आ गए हैं. मुनाफा, रेवेन्यू, मार्जिन, डील पाइपलाइन और एआई स्ट्रैटेजी के मामले में किसने बाजी मारी, यह जानना निवेशकों के लिए अहम है. TCS ने प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ में मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि Wipro ने बायबैक और भविष्य की रणनीति से ध्यान खींचा.

TCS vs Wipro Q4 Results: भारत के आईटी सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों Wipro और TCS के चौथी तिमाही के रिजल्ट आ गए हैं. इन रिजल्ट्स के आने के बाद निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर Q4 अर्निंग बैटल में किसने बाजी मारी. दोनों कंपनियों ने मुनाफा, डिविडेंड, डील पाइपलाइन और एआई स्ट्रैटेजी को लेकर बड़े ऐलान किए हैं. हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तिमाही में TCS कई अहम मोर्चों पर Wipro से आगे नजर आई, जबकि Wipro ने बायबैक और स्ट्रक्चरल बदलावों के जरिए निवेशकों को संदेश दिया है कि कंपनी आने वाले समय में मजबूती से वापसी की तैयारी में है.

मुनाफे में किसने मारी बाजी

Wipro ने Q4FY26 में 3,502 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 2 फीसदी कम रहा. हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दूसरी ओर TCS ने 13,718 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़ा है.

मुनाफे के मामले में TCS ने साफ तौर पर Wipro को पीछे छोड़ दिया है. Wipro की रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस बढ़कर 24,236 करोड़ रुपये रही, जिसमें 8 फीसदी सालाना बढ़ोतरी हुई. वहीं TCS की रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 70,698 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो 10 फीसदी YOY ग्रोथ दिखाती है. कंपनी के साइज और कारोबार दोनों के लिहाज से TCS की बढ़त ज्यादा मजबूत रही.

मार्जिन में बड़ा अंतर

Wipro का आईटी सर्विस ऑपरेटिंग मार्जिन 17.3 फीसदी रहा, जबकि TCS का ऑपरेटिंग मार्जिन 25.3 फीसदी दर्ज किया गया. इससे साफ है कि TCS लागत नियंत्रण और प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में मजबूत स्थिति में है. बेहतर मार्जिन किसी भी आईटी कंपनी के लिए निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है.

AI स्ट्रैटेजी में कौन मजबूत

Wipro ने एआई-फर्स्ट स्ट्रैटेजी के तहत डेडिकेटेड एआई-नेटिव बिजनेस यूनिट लॉन्च करने की घोषणा की है, जो एजेंटिक एआई सॉल्यूशंस और एआई-लेड बिजनेस मॉडल्स पर काम करेगी. दूसरी ओर TCS ने बताया कि उसकी वार्षिक एआई रेवेन्यू रन रेट 2.3 बिलियन डॉलर पार कर गई है. कंपनी ने यह भी कहा कि अब ग्राहक एआई प्रयोग से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर डिप्लॉयमेंट की ओर बढ़ रहे हैं. एआई एक्जीक्यूशन के स्तर पर TCS फिलहाल ज्यादा आगे दिखाई देती है.

निवेशकों के लिए क्या मतलब

Wipro ने Q4 में 3.5 बिलियन डॉलर के डील्स बुक किए, जबकि TCS का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 12 बिलियन डॉलर रहा. इसमें नॉर्थ अमेरिका से 5.4 बिलियन डॉलर के सौदे शामिल हैं. अगर केवल Q4 नतीजों के आधार पर देखा जाए तो TCS ने रेवेन्यू, प्रॉफिट, मार्जिन, एआई रेवेन्यू और डील विंस जैसे लगभग सभी बड़े मोर्चों पर बढ़त बनाई है. वहीं Wipro ने 15,000 करोड़ रुपये के बायबैक और भविष्य की एआई स्ट्रैटेजी से निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की है.

कैसा है शेयर का हाल?

अगर शेयर की बात करें तो शुक्रवार को TCS का शेयर 0.18 फीसदी बढ़कर 2,581.50 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं Wipro के शेयर की बात करें तो इसका शेयर 2.83 फीसदी गिरकर 204.32 रुपये पर पहुंच गया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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