क्रूड ऑयल का बाजार है गर्म, आप भी इसमें निवेश कर कमा सकते हैं पैसे, जान लें सभी तरीके
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. क्रूड ऑयल में निवेश के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें ऑयल ETF, तेल कंपनियों के शेयर और MCX पर फ्यूचर्स ट्रेडिंग शामिल हैं. हालांकि इसमें निवेश से पहले वैश्विक सप्लाई-डिमांड, जियो-पॉलिटिकल घटनाएं और ओपेक के फैसलों जैसे कारणों को समझना जरूरी है क्योंकि तेल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी अधिक होता है.
Crude oil: क्रूड ऑयल दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाली कमोडिटी में से एक है. आज भी ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और एनर्जी प्रोडक्शन में इसकी बड़ी भूमिका है. दुनिया हर दिन 100 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चे तेल का इस्तेमाल करती है. यही वजह है कि तेल की कीमतों में बदलाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और निवेश बाजार दोनों पर पड़ता है. हाल के दिनों में ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े जोखिमों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है. अगर ऐसे माहौल में निवेशक क्रूड ऑयल को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहते हैं तो उनके लिए कई विकल्प मौजूद हैं. आइये जानते हैं कि क्रूड ऑयल में किन तरीकों से निवेश किया जा सकता है.
क्रूड ऑयल में निवेश के प्रमुख विकल्प
ऑयल ETF में निवेश
ऑयल एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) उन निवेशकों के लिए आसान विकल्प है जो सीधे फ्यूचर्स ट्रेडिंग नहीं करना चाहते. ये फंड आमतौर पर WTI या ब्रेंट क्रूड ऑयल जैसे बेंचमार्क को ट्रैक करते हैं. भारतीय शेयर बाजार में ICICI Prudential Nifty Oil & Gas ETF के जरिए निवेश किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक चाहें तो अमेरिका में सूचीबद्ध ETF जैसे USO (United States Oil Fund) में निवेश कर सकते हैं. हालांकि इसमें निवेश करते समय टैक्स नियमों और विदेशी निवेश से जुड़े प्रावधानों का ध्यान रखना जरूरी होता है.
ऑयल कंपनियों के शेयर
निवेशक तेल की खोज, प्रोडक्शन और रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों के शेयर खरीदकर भी अप्रत्यक्ष रूप से तेल की कीमतों में निवेश कर सकते हैं. तेल की कीमत बढ़ने पर अक्सर तेल कंपनियों को फायदा होता है. जिससे उनके शेयर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. Indian Oil, BPCL, ONGC, Oil India जैसे शेयर इस सेक्टर के प्रमुख शेयरों में शामिल हैं.
MCX पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स ट्रेडिंग
भारत में निवेशक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के जरिए भी कच्चे तेल के फ्यूचर्स में ट्रेड कर सकते हैं. इस तरीके में निवेशक भविष्य की कीमतों का अनुमान लगाकर पोजिशन लेते हैं. हालांकि यह तरीका जोखिम भरा माना जाता है, क्योंकि फ्यूचर्स ट्रेडिंग में लेवरेज और मार्जिन शामिल होते हैं जिससे मुनाफा और नुकसान दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए इसे आमतौर पर अनुभवी ट्रेडर्स के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है.
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल में निवेश करने से पहले वैश्विक सप्लाई-डिमांड, जियो-पॉलिटिकल तनाव, ओपेक के फैसले और करेंसी एक्सचेंज रेट जैसे कारकों का सावधानी से विश्लेषण करना चाहिए. तेल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज होता है, इसलिए इस सेक्टर में निवेश के लिए लंबी अवधि की रणनीति और विविधीकरण जरूरी माना जाता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
