SBI और BoB नहीं, ग्रामीण भारत में तेजी से पांव पसार रहा ये बैंक; गांव और छोटे शहरों में 61 फीसदी से ज्यादा ब्रांच
UCO Bank ने ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी के दम पर अपनी ग्रोथ को तेज किया है. बैंक की करीब 61 फीसदी ब्रांच इन्हीं इलाकों में हैं, जिससे रिटेल, SME और एग्रीकल्चर लोन में तेजी आई है. दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का कुल एडवांस 17.2 फीसदी बढ़कर 2.38 लाख करोड़ रुपये हो गया.
PSU Bank India: देश के बैंकिंग सेक्टर में आम तौर पर चर्चा बड़े बैंकों की होती है, लेकिन कुछ ऐसे सरकारी बैंक भी हैं जो चुपचाप अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं. कोलकाता स्थित UCO Bank भी उन्हीं में से एक है. बैंक ने ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर कारोबार को मजबूत किया है. इसकी 61 फीसदी ब्रांच इन्हीं क्षेत्रों में हैं. इसी रणनीति के कारण बैंक के रिटेल, SME और एग्री लोन में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इससे बैंक की लोन बुक और मुनाफे में भी सुधार हुआ है.
अर्ध-शहरी इलाकों में मजबूत नेटवर्क
UCO Bank की देश भर में 3327 घरेलू ब्रांच हैं. इनमें से करीब 61 फीसदी ब्रांच ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में स्थित हैं. इन इलाकों में अभी भी बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सीमित है, इसलिए यहां ग्रोथ की काफी संभावना है. बैंक ने इसी अवसर को पहचानते हुए अपने नेटवर्क को इन क्षेत्रों में मजबूत किया है. इससे बैंक को नए ग्राहकों और छोटे कारोबारियों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है.
रिटेल और SME लोन में तेज बढ़ोतरी
ग्रामीण और छोटे शहरों में ब्रांच बढ़ने से बैंक के रिटेल, SME और एग्रीकल्चर लोन में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है. दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का कुल एडवांस 17.2 फीसदी बढ़कर 2.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. छोटे कारोबार और पर्सनल लोन में बढ़ोतरी से बैंक की लोन बुक तेजी से बढ़ रही है. यह बैंक की भविष्य की कमाई के लिए भी पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है.
ज्यादा ब्याज से बढ़ती है बैंक की कमाई
रिटेल और छोटे कारोबारियों को दिए गए लोन से बैंकों को आम तौर पर कॉरपोरेट लोन की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. इसी वजह से ऐसे लोन बैंक की कमाई को बेहतर बनाते हैं. UCO Bank भी इसी रणनीति पर काम कर रहा है. इससे बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन और मुनाफे को सहारा मिल रहा है.
एसेट क्वालिटी में भी सुधार
लोन ग्रोथ के साथ साथ बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है. दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक का नेट एनपीए घटकर 0.36 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 0.63 फीसदी था. बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो भी 97 फीसदी से अधिक है. यह संकेत देता है कि बैंक जोखिम को कंट्रोल करने में भी सफल रहा है. बैंक के शेयर 11 मार्च को 1.64 फीसदी की तेजी के साथ 26 रुपये पर बंद हुआ. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 96 फीसदी का रिटर्न दिया है.
मुनाफे में दर्ज हुई मजबूत बढ़त
बेहतर लोन ग्रोथ और सुधरती एसेट क्वालिटी के कारण बैंक के मुनाफे में भी बढ़ोतरी हुई है. दिसंबर 2025 तिमाही में UCO Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.8 फीसदी बढ़कर 739.5 करोड़ रुपये हो गया. यह प्रदर्शन दिखाता है कि बैंक की ग्रामीण और अर्ध शहरी रणनीति काम कर रही है.
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आगे भी बनी रह सकती है ग्रोथ की रफ्तार
बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 12 से 14 फीसदी लोन ग्रोथ का अनुमान जताया है. साथ ही नेट इंटरेस्ट मार्जिन को भी स्थिर बनाए रखने का लक्ष्य रखा है. जानकारों का मानना है कि यदि ग्रामीण और छोटे शहरों में बैंकिंग सर्विस की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो UCO Bank की ग्रोथ आगे भी मजबूत रह सकती है.
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