1 साल में 279% रिटर्न, बिक्री हुई 3 गुना; इस लॉजिस्टिक्स शेयर पर विजय केडिया ने लगाया दांव

दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने अहमदाबाद की लॉजिस्टिक्स कंपनी Iware Supplychain Services में 6 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. कंपनी की बिक्री FY25 के 86 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 258 करोड़ रुपये हो गई. एक साल में शेयर 279 % से ज्यादा चढ़ चुका है.

विजय केडिया Image Credit: Canva/ Money9

Vijay Kedia Portfolio: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया जब किसी कंपनी में निवेश करते हैं तो निवेशकों का ध्यान अपने आप उस शेयर की ओर चला जाता है. केडिया की पहचान ऐसी कंपनियों को शुरुआती दौर में पहचानने की रही है, जिनमें लंबे समय में बड़ा बनने की क्षमता हो. अब उन्होंने एक ऐसी लॉजिस्टिक्स कंपनी में दांव लगाया है, जिसे शेयर बाजार में लिस्टेड हुए अभी एक साल ही हुआ है.

अहमदाबाद की इस कंपनी पर केडिया का भरोसा

अहमदाबाद स्थित Iware Supplychain Services में विजय केडिया ने हाल ही में निवेश किया है. उन्होंने अपनी पर्सनल होल्डिंग और अपनी कंपनी Kedia Securities Pvt Ltd के जरिए कुल 6 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. इसमें 3 फीसदी हिस्सेदारी उनके पर्सनल पोर्टफोलियो और 3 फीसदी हिस्सेदारी उनकी कंपनी के नाम पर है.

साल 2018 में स्थापित यह कंपनी वेयरहाउसिंग, थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स, रेल रेक हैंडलिंग, ट्रांसपोर्ट और दूसरी सप्लाईचेन सेवाएं देती है. कंपनी के पास करीब 8 लाख वर्ग फुट वेयरहाउस स्पेस है, जो 7 राज्यों में फैले 11 वेयरहाउस के जरिए संचालित होता है. कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 370 करोड़ रुपये है.

5 साल में 305% से ज्यादा रिटर्न

Iware Supplychain Services करीब 81 रुपये पर लिस्ट हुई थी, जबकि इसका इश्यू प्राइस 95 रुपये था. 17 जून 2026 को यह शेयर करीब 345 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी के शेयर ने पिछले 3 महीनों में 35.29 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, 6 महीनों में इसने 61.25 फीसदी और 1 साल में 279 फीसदी का रिटर्न दिया है. यदि कुल रिटर्न की बात करें, तो लिस्टिंग के बाद से यह शेयर करीब 305 फीसदी तक का रिटर्न दे चुका है.

पांच साल में तेज रफ्तार से बढ़ा कारोबार

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में इसकी ग्रोथ काफी तेज रही है. FY21 में कंपनी की बिक्री 19 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 258 करोड़ रुपये पहुंच गई. इसी अवधि में EBITDA 2 करोड़ रुपये से बढ़कर 29 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 1 करोड़ रुपये से बढ़कर 15 करोड़ रुपये हो गया.

पिछले पांच सालों में कंपनी की बिक्री 69 फीसदी की CAGR से बढ़ी है. वहीं EBITDA में 71 फीसदी और नेट प्रॉफिट 72 फीसदी की CAGR दर्ज की गई है.

ग्रोथ के पीछे छिपी है एक अहम बात

इन आंकड़ों को देखते समय एक बात समझना जरूरी है. कंपनी का शुरुआती आधार काफी छोटा था. FY25 में कंपनी की बिक्री 86 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 258 करोड़ रुपये हो गई यानी बिक्री में सबसे बड़ा उछाल सिर्फ एक साल के दौरान देखने को मिला.

मार्जिन और कैश फ्लो पर नजर रखना जरूरी

तेजी से बढ़ते कारोबार के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं. FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 20% था, जो FY26 में घटकर लगभग 11% रह गया यानी राजस्व तो तेजी से बढ़ा, लेकिन हर रुपये की बिक्री पर होने वाला मुनाफा कम हुआ. इसके अलावा FY26 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव रहा. वेयरहाउस और वाहनों पर बढ़ते खर्च की वजह से फ्री कैश फ्लो भी नकारात्मक रहा.

रिटर्न के मामले में कंपनी मजबूत

चुनौतियों के बावजूद कंपनी की कैपिटल पर रिटर्न मजबूत बना हुआ है. FY26 में ROCE करीब 28 फीसदी और ROE लगभग 41 फीसदी रहा. यह दिखाता है कि कंपनी अपने कारोबार में लगाए गए पूंजी का बेहतर उपयोग कर रही है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.