त्योहारी उत्साह! शेयर बाजार में बंपर तेजी के पीछे क्या है वजह, किस कंपनी के स्टॉक ने मार्केट को दी ताकत?
Why Share Market Jump Today: पिछले दो कारोबारी सत्रों में 1,200 अंकों से ज्यादा की तेजी के बाद, BSE का सेंसेक्स आज 1,030 अंक या 1.38 फीसदी उछलकर 75,489.70 के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया. आइए जानते हैं कि शेयर मार्केट में तेजी के पीछे क्या फैक्टर्स हैं.
Highlights
- लागत का दबाव होने के बावजूद, चालू सितंबर तिमाही में कंपनियों की कमाई अच्छी रही है.
- देशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) अब भारतीय शेयरों में खरीदारी की ओर लौटते दिख रहे हैं.
- अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम की बातचीत के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
Why Share Market Jump Today: दलाल स्ट्रीट पर त्योहारी माहौल नजर आ रहा है, जहां बेंचमार्क इंडेक्स ने दिवाली वीक की शुरुआत तेजी के साथ की है. सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में लगातार तीसरे दिन बढ़त देखने को मिली है. पिछले दो कारोबारी सत्रों में 1,200 अंकों से ज्यादा की तेजी के बाद, BSE का सेंसेक्स आज 1,030 अंक या 1.38 फीसदी उछलकर 75,489.70 के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया. वहीं, NSE का निफ्टी 50 भी सोमवार के कारोबार में 278 अंक या 1.20 फीसदी बढ़कर 23,330.70 पर पहुंच गया. आइए जानते हैं कि शेयर मार्केट में तेजी के पीछे क्या फैक्टर्स हैं.
RIL का बड़ा योगदान
उम्मीद से बेहतर Q2 नतीजों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में लगभग 7 फीसदी की तेजी आई, जिसने बेंचमार्क इंडेक्स को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई. आज BSE सेंसेक्स में कुल 1,000 अंकों की तेजी आई, जिसमें अकेले RIL का योगदान 400 अंकों (यानी 25 फीसदी) का रहा.
एनालिस्ट इस शेयर को लेकर काफी पॉजिटिव हैं और उन्होंने अपनी ‘BUY’ (खरीदने की) रेटिंग को बरकरार रखा है। O2C (ऑयल-टू-केमिकल) सेगमेंट के शानदार प्रदर्शन से कंपनी की कमाई का आउटलुक बेहतर हुआ है.
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार के स्तर से काफी नीचे आ गई हैं. इससे भारत के प्रति सेंटीमेंट में सुधार हुआ है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है.
अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम की बातचीत के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 3 फीसदी की और गिरावट आई है, जिससे यह 110 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है. अक्टूबर के अंत में तेल फ्यूचर्स पिछले छह महीनों के उच्चतम स्तर पर थे.
‘AI-अनवाइंडिंग’ का असर
भारतीय बाजार को अक्सर ‘एंटी-AI ट्रेड’ (AI के विपरीत निवेश) के रूप में देखा जाता है. टेक शेयरों को लेकर बाजार का उत्साह अब कम हो रहा है, जो भारतीय इक्विटी के लिए एक और पॉजिटिव संकेत है. इससे पारंपरिक IT सर्विस शेयरों पर निवेशकों का ध्यान फिर से केंद्रित हो रहा है.
अक्टूबर में 18.42 फीसदी की तेजी के साथ पिछले छह वर्षों का सबसे बेहतरीन मंथली प्रदर्शन दर्ज करने के बाद, आज के कारोबार में IT सेक्टर के प्रमुख शेयरों में 2 फीसदी तक की बढ़त देखी गई. कुल मिलाकर, IT इंडेक्स 0.8 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था.
FPI की खरीदारी दिखी
कई हफ्तों तक लगातार बिकवाली करने के बाद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) अब भारतीय शेयरों में खरीदारी की ओर लौटते दिख रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले हफ्ते FPIs ने कैश मार्केट में 6,300 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, हालांकि इसे ट्रेंड में बदलाव (ट्रेंड रिवर्सल) मानना अभी जल्दबाजी होगी.
कमाई में मजबूती दिखी
लागत का दबाव होने के बावजूद, चालू सितंबर तिमाही में कंपनियों की कमाई अच्छी रही है. जेफरीज़ ने हाल ही में एक नोट में कहा कि चालू तिमाही के लिए ‘अपग्रेड रेश्यो’ 50 फीसदी से ऊपर बना हुआ है. इस ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक ने जिन 105 कंपनियों का एनालिसिस किया, उनमें से 56 फीसदी कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा.
जेफरीज के अनुसार, नतीजों के इस दौर में अब तक FY27 के लिए MSCI इंडिया की कमाई के अनुमानों को 1 फीसदी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है. हालांकि, अभी कुछ बड़ी कंपनियों के नतीजे आने बाकी हैं.
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