Elon Musk के आरोप पर सरकार का पलटवार, कहा-रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में कोई भेदभाव नही; जानें पूरा मामला

एलन मस्क के Starlink को लेकर लगाए गए आरोप पर भारत सरकार ने जवाब दी है. मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ कारोबारी समूह Starlink को भारत में रोक रहे हैं, ताकि अपना एकाधिकार बनाए रखा जा सके. सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है.

भारत सरकार ने Elon Musk आरोपों को खारिज किया. Image Credit: @Tv9

Highlights

  • Elon Musk ने आरोप लगाया कि कुछ कारोबारी समूह Starlink को भारत में रोक रहे हैं ताकि अपना एकाधिकार बनाए रख सकें.
  • भारत सरकार ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है.
  • Starlink, Jio और Eutelsat OneWeb तीनों का फिलहाल सिक्योरिटी असेसमेंट चल रहा है और तीनों लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं.

देश में Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले कंपनी के मालिक एलन मस्क और सरकार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. एलन मस्क ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारत में कुछ कारोबारी समूह Starlink को रोक रहे हैं, ताकि देश के लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रखा जा सके. अब भारत सरकार ने मस्क के इस आरोप पर बयान दी है. सरकार ने कहा है कि भारत का सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज से जुड़ा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है.

मस्क ने क्या आरोप लगाया

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि Starlink को कुछ ओलिगार्क्स यानी बड़े कारोबारी समूहों की ओर से रोका जा रहा है. मस्क ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भारत के लोगों पर उनका एकाधिकार बना रहे. उन्होंने इसे भारत के लोगों के खिलाफ अपराध तक बताया. मस्क का यह बयान ऐसे समय आया है जब Starlink भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी मंजूरियों का इंतजार कर रही है.

सरकार ने आरोपों पर क्या कहा

भारत सरकार ने गुरुवार को मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है. सरकार ने साफ कहा कि इस फ्रेमवर्क या इसे लागू करने की प्रक्रिया को अनुचित या भेदभावपूर्ण बताना बेबुनियाद और गलत है. यानी सरकार के मुताबिक Starlink के लिए नियम किसी कंपनी या कारोबारी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं बनाए गए हैं.

लाइसेंस प्रक्रिया में तीन कंपनियां

भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस शुरू करने की तैयारी तीन कंपनियां कर रही हैं. इनमें Sunil Bharti Mittal समर्थित Eutelsat OneWeb, Mukesh Ambani की Reliance Jio और Elon Musk की Starlink शामिल हैं. सरकार के मुताबिक तीनों कंपनियों के लिए सिक्योरिटी असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित लाइसेंसधारी कंपनी स्पेक्ट्रम असाइनमेंट के अगले चरण में जा सकेगी.

तीनों कंपनियां एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर

सरकार ने यह भी कहा है कि फिलहाल तीनों कंपनियां लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं. इसका मतलब है कि सरकार के मुताबिक Starlink को अलग से रोकने या उसके साथ भेदभाव करने की स्थिति नहीं है. सिक्योरिटी असेसमेंट पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया लाइसेंस और स्पेक्ट्रम असाइनमेंट से जुड़ी होगी.

Starlink ने भी रखी अपनी बात

India Mobile Congress में Starlink Business Operations की VP Lauren Dreyer ने कहा कि कंपनी भारत में सर्विस देने के लिए तैयार है और जैसे ही भारत तैयार होगा, Starlink अपनी सर्विस शुरू कर सकती है. उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में लंबे समय से तैयारी कर रही है और Jio, Airtel समेत अन्य कंपनियों के साथ MoU किए हैं. कंपनी ने राज्य सरकारों के साथ भी काम किया है ताकि भारत में Starlink की सर्विस को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके.

सेफ्टी को लेकर भी सफाई

भारत में Starlink की मंजूरी के रास्ते में सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दे भी अहम हैं. Starlink ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा है कि भारतीय यूजर्स का डेटा देश के अंदर रखा जाएगा. कंपनी ने यह भी कहा है कि भारत की जरूरतों के मुताबिक, जरूरी सिक्योरिटी कंट्रोल लागू किए जाएंगे. हालांकि, फिलहाल तीनों कंपनियों का सिक्योरिटी असेसमेंट पूरा होना बाकी है.

ये भी पढ़ें-डुअल स्पीकर्स-6GB तक रैम और 5000mAh बैटरी, लॉन्च हुआ Infinix Smart 20 HD

आगे क्या होगा

सरकार के मुताबिक, सिक्योरिटी असेसमेंट पूरा होने के बाद जिस लाइसेंसधारी कंपनी की प्रक्रिया पूरी होगी, वह स्पेक्ट्रम असाइनमेंट के अगले चरण में जा सकेगी. ऐसे में Starlink को भारत में कमर्शियल सर्विस शुरू करने के लिए अभी आगे की मंजूरियों का इंतजार करना होगा. इस पूरे मामले में सरकार ने साफ किया है कि सभी कंपनियों के लिए रेगुलेटरी प्रक्रिया समान है और Starlink को रोकने या उसके साथ भेदभाव करने का आरोप सही नहीं है.