PhonePe-Google Pay को टक्कर दे सकता है Elon Musk का X Money! ऐसे करेगा काम

Elon Musk के X प्लेटफॉर्म ने अमेरिका में X Money डिजिटल पेमेंट सर्विस को शुरू किया है. यह सर्विस यूजर्स को विजा डेबिट कार्ड, मनी ट्रांसफर, 3 फीसदी कैशबैक जैसी सुविधाएं देता है. यह सर्विस अगर भारत आती है तो GPay और PhonePe जैसे सर्विस देने वाले ऐप्स को टक्कर देगी.

X Money

Elon Musk के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने X Money नाम की एक नई डिजिटल पेमेंट सर्विस को शुरू किया है, इस सर्विस की मदद से यूजर्स पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, फिजिकल Visa डेबिट कार्ड ले सकते हैं, इन-स्टोर पेमेंट कर सकते हैं और भी बहुत कुछ कर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे दूसरी बैंकिंग सर्विस करती हैं. X Money अभी यूएस में X यूजर्स के लिए X Premium और Premium+ सब्सक्रिप्शन के साथ शुरू की जा रही है. हम आज आपको बताएंगे X Money किस तरह से काम करता है?

क्या है X Money?

X Money एक बैंकिंग और पेमेंट सर्विस है जो सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बनी है. इसे X को एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म में बदलने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है जो सोशल नेटवर्किंग, पेमेंट और रोजाना की बैंकिंग को जोड़ता है. बैंकिंग सर्विस X ऐप में डिपॉजिट अकाउंट, पीयर-टू-पीयर पेमेंट, वीजा डेबिट कार्ड और डायरेक्ट डिपॉजिट जैसे फीचर ऑफर करेगी. सब्सक्राइबर बिना किसी ट्रांसफर फीस के दूसरे X यूजर्स को पैसे भेज सकते हैं, बिल पे कर सकते हैं, वायर ट्रांसफर भेज सकते हैं और फिजिकल चेक भी मेल कर सकते हैं.

यूजर्स X के डेबिट वीजा कार्ड के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं, जिसमें यूजर के हैंडल की स्टैम्प वाली मेटल फिनिश होती है और यह डिपॉजिट पर 3 फीसदी कैशबैक और 6.00 फीसदी तक एनुअल परसेंटेज यील्ड (APY) देने का दावा करता है. यह विजा डायरेक्ट का भी इस्तेमाल करता है, जो एक पेमेंट टेक्नोलॉजी है जो तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करती है और बैंक अकाउंट और डेबिट कार्ड के बीच पैसे का रियल-टाइम मूवमेंट करती है.

कैसे काम करता है X Money?

X Money एक बैंक की तरह काम नहीं करता है, क्योंकि यूजर्स का पैसा क्रॉस रिवर बैंक के पास होता है, जो न्यू जर्सी में मौजूद एक रेगुलेटेड बैंक है. यह फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (FDIC) के तहत आता है, इसलिए एलिजिबल डिपॉजिट हर डिपॉजिटर के लिए 250,000 डॉलर (लगभग 23954400 रुपए) तक इंश्योर्ड होते हैं. X एक कैश स्वीप प्रोग्राम भी चलाता है जो कस्टमर बैलेंस को कई पार्टनर बैंकों में बांटता है.

सिक्योरिटी के लिए, X Money पासवर्ड के बजाय पासकी को सपोर्ट करता है, इसका मतलब यूजर फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस के PIN का इस्तेमाल कर इस फीचर को एक्सेस कर सकते हैं. दूसरे पेमेंट कंट्रोल में ट्रांजैक्शन लिमिट, चुने हुए पेमेंट के लिए वेरिफिकेशन और दूसरे शामिल है.

क्या X Money भारत आएगी?

अभी तक, इस सर्विस के भारत में लॉन्च को लेकर कुछ भी कंफर्म नहीं है. हालांकि, अगर यह सर्विस भारत आती है, तो यह सर्विस Google के GPay, WhatsApp Payments, PhonePe, और दूसरे ऐसे ही बैंकिंग और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स से मुकाबला करेगी.

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