FASTag Annual Pass के नाम पर खाली हो रहा बैंक अकाउंट, जानें कैसी होती है ठगी, चेतावनी जारी
देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच I4C ने NHAI FASTag Annual Pass के नाम पर चल रहे बड़े ऑनलाइन घोटाले का खुलासा किया है. NCTAU की जांच में सामने आया है कि फर्जी वेबसाइट्स गूगल सर्च और विज्ञापनों के जरिए लोगों को भ्रमित कर भुगतान वसूल रही हैं. नागरिकों को केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है.
FASTag Annual Pass Scam Alert: देश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने NHAI FASTag Annual Pass सेवाओं के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. I4C की NCTAU ने पाया है कि कई फर्जी वेबसाइट्स NHAI की आधिकारिक FASTag Annual Pass सेवा की नकल कर लोगों से पैसे वसूल रही हैं. ये वेबसाइट्स गूगल सर्च और विज्ञापनों के जरिए टॉप रिजल्ट में दिखाई दे रही हैं, जिससे आम नागरिक आसानी से इनके झांसे में आ रहे हैं.
फर्जी वेबसाइट्स गूगल पर टॉप रैंकिंग में
जांच में सामने आया है कि ठग सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और गूगल विज्ञापनों का सहारा लेकर अपनी फर्जी वेबसाइट्स को सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखा रहे हैं. “FASTag annual pass” और “FASTag recharge” जैसे कीवर्ड सर्च करने पर ये नकली वेबसाइट्स आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसी दिखती हैं. आम यूजर इनकी असलियत पहचान नहीं पाते और भुगतान कर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
ऐसे काम कर रहा है स्कैम
फर्जी वेबसाइट्स का डिजाइन और लेआउट बिल्कुल आधिकारिक NHAI प्लेटफॉर्म जैसा बनाया गया है. यूजर्स से FASTag Annual Pass के नाम पर ऑनलाइन पेमेंट मांगा जाता है. कई मामलों में QR कोड के जरिए भुगतान करने को कहा जाता है. भुगतान होते ही वेबसाइट या संपर्क नंबर बंद हो जाता है और पीड़ित को कोई सेवा नहीं मिलती.
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
I4C ने नागरिकों को सलाह दी है कि FASTag Annual Pass से जुड़ी सेवाओं का उपयोग केवल आधिकारिक NHAI वेबसाइट (https://nhai.gov.in), राजमार्ग यात्रा ऐप या ऑफिसियल बैंकों की वेबसाइट/मोबाइल ऐप के जरिए ही करें. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL ध्यान से जांचें और सिर्फ इसलिए भरोसा न करें क्योंकि वेबसाइट सर्च में सबसे ऊपर दिख रही है. अनजान वेबसाइट्स या QR कोड के माध्यम से भुगतान करने से बचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता ही इस तरह की ऑनलाइन ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.
