भारत के लिए गूगल का मेगा प्लान, नई इंटरनेट केबल रूट्स; AI रिसर्च फंडिंग और बड़े ट्रेनिंग मिशन का ऐलान

सुंदर पिचाई ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच AI कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए नई समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली इंटरनेट केबल रूट्स तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही Google बड़े पैमाने पर स्किलिंग पहल भी शुरू करेगा.

Google के सीईओ सुंदर पिचाई

India AI Impact Summit: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए Google के CEO सुंदर पिचाई ने बुधवार को बड़े ऐलान किए. उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच AI कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए नई समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली इंटरनेट केबल रूट्स तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही Google बड़े पैमाने पर स्किलिंग पहल भी शुरू करेगा, जिसके तहत 20 मिलियन पब्लिक सर्वेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी और 11 मिलियन स्टूडेंट्स को सपोर्ट मिलेगा.

AI पर भारत का ‘एक्स्ट्राऑर्डिनरी ट्रैजेक्टरी’

Google के CEO Sundar Pichai ने भारत की AI क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि AI हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म शिफ्ट है. उन्होंने कहा भारत जैसे देशों के लिए AI पुराने गैप्स को तेजी से भरने और नई संभावनाएं बनाने का मौका देता है.उन्होंने हेल्थकेयर, एजुकेशन, क्लाइमेट रेजिलिएंस जैसे सेक्टर्स में AI के बड़े उपयोग की बात की. साथ ही यह भी बताया कि भारतीय यूजर्स वॉइस और विज़ुअल सर्च के मामले में दुनिया में सबसे आगे हैं.

विजाग में 15 बिलियन डॉलर का AI हब

पिचाई ने आंध्र प्रदेश के विजाग में घोषित 15 बिलियन डॉलर के AI हब पर भी अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि यह हब गीगावॉट-स्केल कंप्यूट फैसिलिटी और इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे के साथ तैयार होगा. Google के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर नौकरियों के नए मौके पैदा करेगा और बिज़नेस व डेवलपर्स को एडवांस्ड AI इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा.

सबसी केबल से AI कनेक्टिविटी मजबूत

गूगल ने India-America Connect Initiative लॉन्च किया है. इसके तहत नए सबसी केबल रूट्स तैयार किए जाएंगे. इसका मकसद अमेरिका, भारत और साउदर्न हेमिस्फियर के कई लोकेशन्स के बीच AI कनेक्टिविटी को मजबूत करना है.
ये सबसी केबल्स हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर और AI वर्कलोड्स के लिए अहम माने जा रहे हैं. आसान शब्दों में कहें तो, AI सिस्टम्स को ज्यादा तेज और भरोसेमंद नेटवर्क मिलेगा.

3 करोड़ डॉलर का AI for Science Impact Challenge

रिसर्च और साइंटिफिक इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए Google ने 3 करोड़ डॉलर का “AI for Science Impact Challenge” लॉन्च किया. इस पहल के जरिए क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाइमेट मॉडलिंग और अन्य साइंटिफिक फील्ड्स में काम कर रहे ग्लोबल रिसर्चर्स को सपोर्ट दिया जाएगा. पिचाई ने कहा कि AI अब खोज और वैज्ञानिक प्रगति की रफ्तार बदल रहा है.

करोड़ों लोगों तक AI ट्रेनिंग

Google ने भारत में बड़े पैमाने पर स्किलिंग प्रोग्राम्स का ऐलान किया. Google AI Professional Certificate Program छात्रों और शुरुआती करियर प्रोफेशनल्स के लिए. Karma Yogi Bharat के साथ साझेदारी, जिसके तहत 20 मिलियन पब्लिक सर्वेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी. Atal Tinkering Labs के 10,000 से ज्यादा स्कूलों में जेनरेटिव AI सपोर्ट, जिससे 11 मिलियन स्टूडेंट्स तक पहुंच बनेगी. Google का कहना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर तभी काम आएगा, जब लोग उसे इस्तेमाल करने के लिए तैयार हों.

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

समिट के दौरान सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. पिचाई ने X पर पोस्ट में बताया कि चर्चा AI को हेल्थ, मल्टीलैंग्वेज इंफॉर्मेशन, स्टार्टअप्स और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने पर हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं.

Google DeepMind और IIT Madras के साथ साझेदारी

Google ने Google DeepMind के जरिए स्थानीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही. इसमें IIT Madras का नाम भी शामिल है. इस पहल का उद्देश्य देशभर में एडवांस्ड AI कैपेबिलिटीज़ तक पहुंच बढ़ाना है. Google ने बताया कि AI Overviews सर्च के सबसे सफल फीचर्स में से एक बन चुका है. AI Mode अब 35 नई भाषाओं और 200 देशों में उपलब्ध है.
पिचाई के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में सर्च में रियल-टाइम वॉइस और कैमरा आधारित बेहतर मॉडल देखने को मिलेंगे.
Gemini ऐप के बारे में उन्होंने कहा कि भारत इसके सबसे बड़े बाजारों में से एक है, और यह देश में 10 भाषाओं में उपलब्ध है.

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