H-1B Visa संकट के बीच Amazon ने दी राहत, भारत से काम कर सकेंगे कर्मचारी; लेकिन लगा दीं शर्तें

अमेरिका में H-1B visa से जुड़ी देरी का असर अब टेक पेशेवरों पर साफ दिखने लगा है. इसी बीच Amazon ने भारत में फंसे अपने भारतीय कर्मचारियों को मार्च 2026 की शुरुआत तक भारत से काम करने की अस्थायी अनुमति दी है. हालांकि, इस राहत के साथ कई सख्त शर्तें भी लागू की गई हैं, जिनमें तकनीकी काम, रणनीतिक फैसले और ग्राहकों से सीधा संपर्क शामिल नहीं है.

अमेजन Image Credit: Sheldon Cooper/SOPA Images/LightRocket via Getty Images

H-1B Visa News: अमेरिका में H-1B visa से जुड़ी देरी का असर अब सीधे तौर पर टेक पेशेवरों पर दिखने लगा है. इसी बीच अमेरिका की ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon ने अपने उन भारतीय कर्मचारियों के लिए एक अस्थायी राहत का फैसला किया है, जो वीजा अपॉइंटमेंट में देरी के कारण भारत में फंसे हुए हैं. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon ने ऐसे कर्मचारियों को मार्च 2026 की शुरुआत तक भारत से काम करने की अनुमति दी है. हालांकि, इस व्यवस्था के साथ कई सख्त शर्तें और प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.

मार्च 2026 तक काम करने की अनुमति

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon की ओर से जारी एक आंतरिक ज्ञापन में कहा गया है कि जो कर्मचारी 13 दिसंबर 2025 तक भारत में मौजूद थे और जिनकी H-1B visa अपॉइंटमेंट को दोबारा तय किया गया है, वे 2 मार्च 2026 तक अपने देश से काम कर सकते हैं. कंपनी ने यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू किया है, ताकि कर्मचारियों का काम पूरी तरह ठप न हो और वे कंपनी से जुड़े रह सकें.

काम पर सख्त पाबंदियां

हालांकि, इस व्यवस्था में कर्मचारियों की भूमिका काफी सीमित कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से काम कर रहे Amazon के कर्मचारियों को कोडिंग, तकनीकी समस्या समाधान और परीक्षण जैसे काम की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा, वे किसी भी तरह का रणनीतिक फैसला नहीं ले सकते और न ही ग्राहकों से सीधे तौर पर संपर्क कर सकते हैं. ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी समीक्षा, अंतिम फैसला और स्वीकृति भारत के बाहर की जाएगी. साथ ही, स्थानीय कानूनों के अनुपालन में इन नियमों में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी.

कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

इस फैसले ने Amazon के तकनीकी कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है. एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बिजनेस इनसाइडर को बताया कि उनके काम का करीब 70 से 80 फीसदी हिस्सा कोडिंग, परीक्षण और तैनाती से जुड़ा होता है, जो मौजूदा प्रतिबंधों के तहत संभव नहीं है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि काम करने की अनुमति के बावजूद वे वास्तव में कितना योगदान दे पाएंगे.

टेक कंपनियों की रणनीति

Amazon अकेली कंपनी नहीं है जो बदलती इमिग्रेशन पॉलिसी से जूझ रही है. Google, Apple और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दे रही हैं, ताकि वे अमेरिका के बाहर फंस न जाएं. रिपोर्ट के अनुसार, Amazon ने वित्त वर्ष 2024 में कुल 14,783 प्रमाणित H-1B आवेदन दाखिल किए थे. यह इस बात का संकेत है कि कंपनी की बड़ी कार्यबल संख्या H-1B visa पर निर्भर है.

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