हाथ ना पकड़ना तो बहाना, Open AI vs Anthropic के बीच चल रही है ये लड़ाई, जानें किसकी बात में है दम

AI Impact Summit 2026 के चौथे दिन एक ग्रुप फोटो ने टेक दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर मौजूद ओपनAI के सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई ने एक-दूसरे का हाथ थामने से परहेज किया. कैमरे में कैद यह पल उनकी पुरानी खींचतान और मतभेदों को फिर सुर्खियों में ले आया.

Open AI vs Anthropic Image Credit: Canva/ Money9

Open AI vs Anthropic: AI Impact Summit 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री मोदी और दुनिया भर के टेक दिग्गज मिले. मुलाकात हुई तो कुछ कहानियां भी बनीं. मीडिया के कैमरों में कुछ ऐसा कैद हुआ, जिसने दुनिया भर में सोशल मीडिया पर एक पुरानी खींचतान को फिर से जिंदा कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई, ओपनAI के CEO सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई समेत ग्लोबल टेक लीडर्स के साथ एक ग्रुप फोटो के लिए पोज दे रहे थे. इसी दौरान सभी मेहमान एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठा रहे थे.

इसी दौरान Anthropic के CEO डारियो अमोदेई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन पास-पास ही खड़े थे, लेकिन दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़े बिना ही अपना हाथ ऊपर उठा लिया. इससे लोगों को दोनों के बीच की पुरानी खींचतान फिर याद आने लगी. कैमरे पर दिखी इस खींचतान ने इस सवाल को फिर से जिंदा कर दिया कि एआई की दुनिया में इन दोनों दिग्गजों में आखिर कौन बड़ा है? और इनके आपसी मतभेद की वजह क्या है?

दोनों दिग्गज के बीच विवाद की क्या है वजह?

डारियो अमोदेई पहले OpenAI में रिसर्च लीडर थे. 2021 में उन्होंने और उनकी बहन डैनिएला अमोदेई सहित कुछ अन्य शोधकर्ताओं ने कंपनी छोड़ दी. इसके बाद उन्होंने Anthropic की स्थापना की. सबसे बड़ा मतभेद AI की सुरक्षा और इसे विकसित करने के तरीके को लेकर बताया जाता है. अमोदेई का फोकस है कि AI को धीरे-धीरे और कड़े सुरक्षा नियमों के साथ आगे बढ़ाया जाए. वहीं OpenAI, सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व में, रिसर्च के साथ-साथ तेजी से प्रोडक्ट लॉन्च करने और उन्हें आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाता है.यह सोच का अंतर ही दोनों नेताओं के बीच दूरी की बड़ी वजह बना.

OpenAI और Anthropic में क्या है अंतर?

OpenAI की स्थापना 2015 में हुई थी. इसका उद्देश्य है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी मानवता के लिए फायदेमंद हो. कंपनी AI को रिसर्च के साथ-साथ आम लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर देती है. वहीं Anthropic की शुरुआत 2021 में OpenAI के पूर्व कर्मचारी ने की थी. इसका मुख्य फोकस AI की सुरक्षा (AI Safety) और रिसर्च पर है. कंपनी चाहती है कि उसका AI सिस्टम भरोसेमंद, कंट्रैल और नैतिक हो.

AI मॉडल और प्रोडक्ट्स में फर्क

OpenAI कई प्रोडक्ट्स देता है, जैसे:

  • ChatGPT
  • DALL·E
  • Codex
  • Whisper

दूसरी ओर, Anthropic का मुख्य प्रोडक्ट है Claude 3.5 Sonnet है. यह एडवांस रीजनिंग, कोडिंग, डाटा एनालिसिस और मल्टीलैंग्वेज काम के लिए जाना जाता है.

सुरक्षा और नैतिकता का तरीका

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Coursera के अनुसार, Anthropic अपने AI को “Constitutional AI” नाम की तकनीक से ट्रेन करता है. इसमें AI को पहले से तय नैतिक नियमों के आधार पर बार-बार सुधारा जाता है. इसका मकसद है कि AI गलत, पक्षपाती या भ्रामक जवाब कम दे. वहीं OpenAI अपने मॉडल को RLHF (Reinforcement Learning from Human Feedback) से ट्रेन करता है. इसमें इंसानों की फीडबैक के आधार पर AI को बेहतर बनाया जाता है. हालांकि, इसमें पक्षपात आने की संभावना भी रहती है.

इंटरनेट और फीचर्स की उपलब्धता

OpenAI के नए मॉडल्स में रियल-टाइम इंटरनेट एक्सेस मिलता है. यानी आप ताजा जानकारी और स्रोतों के साथ रिसर्च कर सकते हैं. इसके उलट, Claude में सामान्य तौर पर लाइव इंटरनेट एक्सेस नहीं होता. यह एक सुरक्षित और फोकस्ड वर्कस्पेस देता है, लेकिन ताजा खबरों या लाइव डाटा के लिए सीमित है.