Facebook-Insta के जरिए यूजर्स को चूना लगा रहे साइबर ठग, जानें क्या है इम्पर्सोनेशन स्कैम, सेफ रहने के लिए अपनाएं ये तरीके
डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां लोगों को जोड़ने का माध्यम बना है, वहीं यह साइबर ठगों के लिए नया हथियार भी बन चुका है. इम्पर्सोनेशन स्कैम के जरिए अपराधी किसी परिचित की नकली पहचान बनाकर लोगों को झांसे में लेते हैं और पैसों की ठगी करते हैं. बढ़ते मामलों ने ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है.
Social Media Impersonation Scam: आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपनाने के लिए कर रहे हैं. “सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन स्कैम” ऐसा ही एक खतरनाक तरीका है, जिसमें ठग किसी व्यक्ति की नकली प्रोफाइल बनाकर उसके जानने वालों से पैसे ऐंठते हैं. कई लोग इस जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं.
क्या है सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन स्कैम?
इम्पर्सोनेशन स्कैम में साइबर अपराधी किसी असली व्यक्ति – जैसे आपके दोस्त, रिश्तेदार या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की फोटो और जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बना लेते हैं. इसके बाद वे उसी व्यक्ति बनकर लोगों से संपर्क करते हैं और भरोसा जीतकर पैसों की मांग करते हैं. अक्सर यह मैसेज इमरजेंसी या भावनात्मक कारणों का हवाला देकर भेजा जाता है.
कैसे होती है ठगी?
इस तरह की ठगी आमतौर पर कुछ स्टेप्स में होती है:
- ठग पहले किसी व्यक्ति की प्रोफाइल से फोटो और जानकारी कॉपी करते हैं
- उसी नाम से नया फेक अकाउंट बनाते हैं
- फिर उस व्यक्ति के दोस्तों या फॉलोअर्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं
- कनेक्शन बनते ही मैसेज करके पैसों की मांग करते हैं (जैसे—इमरजेंसी, गिफ्ट, या हेल्प के नाम पर)
- कई बार UPI, वॉलेट या बैंक डिटेल्स देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है
- लोग भरोसे में आकर बिना जांच किए पैसे भेज देते हैं और बाद में ठगी का पता चलता है.
कैसे बचें इस साइबर ठगी से?
इस तरह के स्कैम से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं:
- किसी भी पैसे की मांग पर तुरंत भरोसा न करें, पहले कॉल या वीडियो कॉल से पुष्टि करें
- प्रोफाइल चेक करें – नई बनी प्रोफाइल, कम पोस्ट या संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दें
- अजनबी या डुप्लीकेट अकाउंट की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें
- अपनी प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें
