अब तेल के पैकेट में नहीं चलेगी मनमानी! सरकार ने बदले नियम; 650, 700 और 850 ग्राम जैसे पैक होंगे बंद
केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू किए हैं. अब प्रमुख खाद्य तेल केवल तय मानक पैक साइज में ही बेचे जाएंगे. 650 ग्राम, 700 ग्राम और 850 ग्राम जैसे गैर-मानक पैक तीन महीने में बाजार से हट जाएंगे. सरकार का कहना है कि इससे ग्राहकों को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी.

Edible Oil Pack Sizes: अगर आप बाजार से खाने का तेल खरीदते हैं, तो जल्द ही आपको 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम या 870 ग्राम जैसे पैक नजर नहीं आएंगे. केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों की पैकेजिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है और अब तेल कंपनियों को तय मानक पैक साइज में ही उत्पाद बेचने होंगे.
Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने एक सलाह जारी कर खाद्य तेल और वसा (Edible Oils and Fats) के पैक साइज से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. सरकार का कहना है कि बाजार में बढ़ते अजीबोगरीब पैक साइज की वजह से ग्राहकों को कीमतों की तुलना करने में परेशानी हो रही थी और भ्रम की स्थिति बन रही थी.
कौन-कौन से पैक साइज होंगे मान्य?
रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों के तहत पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान ऑयल, कॉटनसीड ऑयल, कॉर्न ऑयल और इनके मिश्रण जैसे प्रमुख खाद्य तेलों के लिए मानक पैक साइज तय कर दिए गए हैं.
अब ये तेल केवल 200 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलो, 2 किलो, 3 किलो, 4 किलो, 5 किलो, 15 किलो और 20 किलो के पैक में बेचे जाएंगे. इसी तरह तरल मात्रा के हिसाब से 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर के पैक मान्य होंगे. हालांकि 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से छोटे पैकेटों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है.
तीन महीने में हट जाएंगे पुराने पैक
सरकार ने कंपनियों, पैकर्स और आयातकों को नए नियम लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया है. इसके बाद 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे गैर-मानक पैक बाजार से धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के मुताबिक, 2023 में पैक साइज के नियमों में ढील दी गई थी ताकि उद्योग को अधिक लचीलापन मिल सके. लेकिन इसके बाद बाजार में अलग-अलग आकार के पैकेटों की भरमार हो गई, जिससे ग्राहकों के लिए यह समझना मुश्किल हो गया कि कौन-सा पैक वास्तव में सस्ता है.
भारत में कितना बड़ा है खाद्य तेल बाजार?
भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल उपभोक्ताओं में शामिल है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. देश में खाद्य तेल की खपत 2020-21 में 24.6 मिलियन टन से बढ़कर 2022-23 में 28.9 मिलियन टन तक पहुंच गई.
वहीं 2025-26 में खाद्य तेल आयात 3% बढ़कर 16.65 मिलियन टन हो गया. नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में भारत में प्रति व्यक्ति खाद्य तेल खपत लगभग दोगुनी होकर 19.7 किलोग्राम सालाना तक पहुंच गई है.
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की तुलना करना आसान हो जाएगा. साथ ही पैक साइज को लेकर होने वाला भ्रम भी कम होगा. सरकार का मानना है कि इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर खरीदारी निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
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