ट्रंप की सुरक्षा पर हर साल ₹29217 करोड़ खर्च, फिर भी बार-बार हो रहे हमले; जानें कहां चूक रही US सीक्रेट सर्विस
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा पर हर साल अरबों रुपये खर्च होते हैं. हजारों एजेंट दिन-रात उनकी रक्षा में तैनात रहते हैं. इसके बावजूद बार-बार सुरक्षा में सेंध लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाल ही में वॉशिंगटन के एक बड़े होटल में फायरिंग की घटना ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.

America President Security Cost: दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक अमेरिका, और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. उनकी सुरक्षा पर हर साल अरबों रुपये खर्च होते हैं. हजारों एजेंट दिन-रात उनकी रक्षा में तैनात रहते हैं. इसके बावजूद बार-बार सुरक्षा में सेंध लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाल ही में वॉशिंगटन के एक बड़े होटल में फायरिंग की घटना ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.
जब इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हमलावर इतनी नजदीक पहुंच जाता है, तो यह चिंता की बात बन जाती है. आखिर कहां चूक हो रही है. क्या संसाधनों की कमी है या सिस्टम में कोई बड़ी खामी. ऐसे में आइए जानते है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात US सीक्रेट सर्विस पर कितना खर्च होता है.
क्या हुआ ताजा मामला
वॉशिंगटन के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अचानक फायरिंग हो गई. इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी और जेडी वेंस भी मौजूद थे. हमलावर ने 3 से 4 राउंड फायरिंग की. हालांकि सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने तुरंत कार्रवाई की और हमलावर को पकड़ लिया गया. इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
क्या है US सीक्रेट सर्विस
US सीक्रेट सर्विस एक सरकारी एजेंसी है. यह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और उनके परिवार की सुरक्षा करती है. इसके साथ ही यह वित्तीय अपराधों की जांच भी करती है. यह एजेंसी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के तहत काम करती है. इस एजेंसी की शुरुआत 1865 में हुई थी. शुरुआत में इसका काम नकली नोट रोकना था. बाद में कई राष्ट्रपतियों की हत्या के बाद इसे सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई.
कितना खर्च होता है सुरक्षा पर
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सीक्रेट सर्विस का कुल बजट वित्तीय वर्ष 2024 में करीब 3.1 अरब डॉलर (₹292,175,000,000) रहा, जो उसके पिछले साल के मुकाबले लगभग 9 प्रतिशत ज्यादा है. इस बजट में से 1 अरब डॉलर से अधिक हिस्सा खास तौर पर लोगों और महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा पर खर्च किया जाता है.
स्टाफ की बात करें तो इस एजेंसी में कुल मिलाकर करीब 8,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें स्पेशल एजेंट, टेक्निकल और प्रशासनिक स्टाफ शामिल हैं. इनमें से लगभग 3,671 कर्मचारी सीधे सुरक्षा ड्यूटी यानी प्रोटेक्टिव ऑपरेशन में फुल टाइम लगे रहते हैं.
जानें कहां चूक रही है US सीक्रेट सर्विस
US सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे मजबूत मानी जाती है, लेकिन हाल की घटनाओं से यह साफ होता है कि कुछ जगहों पर चूक हो रही है. इसके अलावा, तेजी से बदलते खतरे, जैसे अकेले हमलावर या अचानक हमले, सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं. साथ ही, भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में हर व्यक्ति की जांच करना मुश्किल होता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है.
यही कारण है कि अरबों का बजट और हजारों एजेंट होने के बावजूद, सुरक्षा में सेंध की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसके अलावा अमेरिका में बढ़ती गन कल्चर भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रही है. वहां आम लोगों के लिए हथियारों तक पहुंच आसान है, जिससे हमलावर के लिए खतरनाक हथियार हासिल करना मुश्किल नहीं होता.
ट्रंप पर हमलों की टाइमलाइन
- 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया की रैली में फायरिंग, ट्रंप के कान में गोली लगी थी.
- 15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा के गोल्फ कोर्स के बाहर ट्रंप को निशाना बनाकर गोलीबारी.
- 26 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में कार्यक्रम के दौरान बाहर फायरिंग, ट्रंप को सुरक्षित निकाला गया.
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