US-Iran के बीच दूसरे राउंड की बातचीत तय, सोमवार को पाक पहुंचेगा अमेरिकी डेलिगेशन; जेडी वेंस नहीं होंगे शामिल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मध्य इस्लामाबाद में नई वार्ता की तैयारी है. ट्रंप ने जहां सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं ईरान ने भी अमेरिकी कदमों को अवैध बताते हुए पलटवार किया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए ईरान पर आरोप भी लगाए हैं. जानें मामला.
US-Iran Delegation and Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर कूटनीतिक कोशिशें तेज होती दिख रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 20 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाएगा, जहां ईरानी अधिकारियों के साथ आमने-सामने बातचीत होगी. इस पहल को मौजूदा टकराव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
जेडी वेंस नहीं होंगे इस दौरे में शामिल
हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि इस बार बातचीत के लिए किन अधिकारियों को भेजा जाएगा लेकिन एक बात की पुष्टि उन्होंने खुद ही कर दी है कि इस दौरे में उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल नहीं होंगे. उन्होंने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में साफ किया कि वेंस का दौरा केवल सुरक्षा कारणों की वजह से रद्द किया गया है. उनका कहना है कि इस फैसले के पीछे कोई आपसी मनमुटाव नहीं बल्कि खुफिया एजेंसियों की गंभीर सलाह है.
ट्रंप का ईरान पर आरोप
इसी बीच ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है. उनके मुताबिक, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में फायरिंग की, जो दो हफ्ते के युद्ध विराम की शर्तों के खिलाफ है. यह सीजफायर कुछ ही दिनों में समाप्त होने वाला है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिका के प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है. उनका यह बयान संकेत देता है कि कूटनीति के साथ-साथ सैन्य दबाव भी बनाए रखा जा रहा है.
ईरान ने अमेरिका पर लगाया आरोप
दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिकी आरोपों का जवाब दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी न केवल अवैध है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ भी है. ईरानी पक्ष ने इसे आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.
यह भी पढ़ें- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमला, सरकार ने ईरान के राजदूत को किया तलब
केंद्र में होर्मुज
स्थिति को और जटिल बनाते हुए होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी केंद्र में है. यह दुनिया का एक बेहद अहम तेल आपूर्ति मार्ग है, जहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजारों पर सीधा असर डाल सकता है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की ओर से इस मार्ग को बंद करने की कोशिश प्रभावी नहीं रही, क्योंकि अमेरिकी कार्रवाई पहले ही इसे प्रभावित कर चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस वजह से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
Latest Stories
होर्मुज स्ट्रेट पर टकराव बढ़ा, ईरान ने सीजफायर डेडलाइन से पहले सख्ती बढ़ाई, ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमला, सरकार ने ईरान के राजदूत को किया तलब
होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद, ईरान ने दोबारा लगाई पाबंदी, US पर समझौता तोड़ने का आरोप
