समंदर में कैसे होती है नाकाबंदी, US थ्री आई से करेगा ब्लॉकेड! जानें कैसे रोके जाते हैं जहाज
अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह इस रास्ते को ब्लॉक करने की तैयारी कर सकता है. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है. अगर होर्मुज को पूरी तरह बंद किया जाता है, तो तेल की सप्लाई रुक सकती है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते को कैसे ब्लॉक कर सकता है
US Blockade Hormuz: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बन गया है. यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. हाल के घटनाक्रम में अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह इस रास्ते को ब्लॉक करने की तैयारी कर सकता है. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है. अगर होर्मुज को पूरी तरह बंद किया जाता है, तो तेल की सप्लाई रुक सकती है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते को कैसे ब्लॉक कर सकता है और यह प्रक्रिया कैसे काम करती है. आइए विस्तार से समझते हैं.
होर्मुज को ब्लॉक करने का मतलब क्या है
होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने का मतलब है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों को रोक दिया जाए या उनकी आवाजाही पर सख्त कंट्रोंल लगाया जाए. यह एक तरह की सैन्य कार्रवाई होती है, जिसे नेवल ब्लॉकेड कहा जाता है. इसमें किसी देश की नौसेना समुद्री रास्ते को Control करती है और तय करती है कि कौन सा जहाज अंदर जाएगा और कौन बाहर आएगा.
कैसे किया जा सकता है ब्लॉकेज
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सीधे जहाजों पर हमला नहीं करेगा, क्योंकि इससे पर्यावरण को बड़ा नुकसान हो सकता है. सबसे पहले अमेरिकी नौसेना अपने युद्धपोत उस इलाके में तैनात करेगी. इसके बाद वह जहाजों को रास्ता बदलने के लिए चेतावनी देगी. अगर कोई जहाज नहीं मानता, तो सैनिक उस पर चढ़कर उसकी जांच कर सकते हैं और उसे रोक सकते हैं. इसे “विजिट एंड सर्च” कहा जाता है.
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
आज के समय में ब्लॉकेड सिर्फ जहाजों से नहीं होता. इसमें सैटेलाइट, रडार और ट्रैकिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाता है. इन तकनीकों से हर जहाज की गतिविधि पर नजर रखी जाती है. अगर कोई जहाज नियम तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसे तुरंत रोका जा सकता है. अमेरिका का मानना है कि ईरान इस रास्ते का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है. अगर अमेरिका ब्लॉकेड करता है, तो ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ेगा और उसकी कमाई कम हो जाएगी. इससे उस पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.
कितना आसान है यह काम
होर्मुज को पूरी तरह ब्लॉक करना आसान नहीं है. यह एक बड़ा और जटिल मिशन है, जिसे लंबे समय तक चलाना मुश्किल हो सकता है. इसलिए अमेरिका को इस कदम से पहले कई चीजों पर विचार करना होगा. होर्मुज को ब्लॉक करना एक बड़ी सैन्य और आर्थिक कार्रवाई है. यह कदम दुनिया भर पर असर डाल सकता है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाता है और इसका वैश्विक बाजार पर क्या प्रभाव पड़ता है.
डायमेंशन पर डालें नजर
होर्मुज एक बहुत अहम और संकरा समुद्री रास्ता है जो पर्शियन गल्फ को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. इसकी कुल लंबाई लगभग 160 किलोमीटर है. सबसे संकरे हिस्से में यह करीब 33 किलोमीटर चौड़ा है, जिसमें जहाजों के आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं. हर दिशा के लिए करीब 3 किलोमीटर चौड़ी शिपिंग लेन होती है और बीच में एक सेफ्टी जोन रहता है. इसके उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान और यूएई स्थित हैं. इस इलाके में कई अहम द्वीप भी हैं जैसे केश्म, होर्मुज, लारक और अबू मूसा.
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