ट्रंप बोले- होर्मुज खोलकर रहेंगे, ईरान ने रखीं 2 खास शर्तें, कहा बिना इसके सीजफायर पर नहीं होगी बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द फिर से खोलने की कोशिशें तेज हो रही हैं, लेकिन चुनौतियां बड़ी हैं। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति, कीमतों और अर्थव्यवस्थाओं पर गहरा असर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत और बढ़ गई है. हालांकि, ईरान ने अमेरिका सामने सीजफायर के लिए दो खास शर्तें रखी है.

Ceasefire Meeting Today and Iran’s Condition: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz को जल्द ही फिर से खोलने की कोशिश की जा रही है. हालांकि उन्होंने माना कि यह आसान नहीं होगा. इस समुद्री रास्ते के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजारों पर बड़ा असर पड़ा है. इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर शांति वार्ता सफल नहीं होती, तो ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के सामने दो शर्ते रख दीं. तेहरान का कहना है कि अगर ये दोनों शर्तें नहीं मानी गई तो सीजफायर पर बातचीत नहीं होगी. ध्यान हो कि आज यानी 11 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर बातचीत होनी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ऊर्जा लाइफलाइन
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है. Iran द्वारा इसे बंद करने के बाद वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसका असर सीधे तेल की कीमतों और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.
ईरान की शर्तें
इस्लामाबाद में सीजफायर पर ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत से पहले तेहरान ने ट्रंप प्रशासन के सामने कुछ अहम शर्तें रखी हैं. तेहरान का कहना है कि जब तक लेबनान में पूरी तरह युद्धविराम लागू नहीं होता और विदेशों में फ्रीज ईरानी संपत्तियों को रिलीज नहीं किया जाता, तब तक वह किसी भी तरह की बातचीत शुरू नहीं करेगा. ईरान के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों मुद्दे पहले से आपसी सहमति का हिस्सा थे और इन्हें पूरा करना जरूरी है.
अमेरिका को सहयोग की उम्मीद
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि कई अन्य देश भी इस रास्ते को फिर से खोलने में मदद के लिए आगे आ रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया. उन्होंने NATO देशों से भी ठोस समर्थन की उम्मीद जताई है, क्योंकि यह रास्ता सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है.
युद्ध और तनाव से बढ़ी अनिश्चितता
फरवरी में अमेरिका और Israel द्वारा ईरान पर हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया. इसके जवाब में ईरान ने भी कई हमले किए, जिससे हालात और बिगड़ गए. हालांकि हाल ही में एक अस्थायी युद्धविराम की घोषणा हुई है, लेकिन अभी भी जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य का जल्द खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर हो सकती है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसमें समय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग दोनों की जरूरत होगी.
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