अमेरिका-ईरान युद्ध विराम को लेकर मसौदा तैयार! जानें होर्मुज पर क्या हुआ तय, क्या जल्द मिलेगी खुशखबरी
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर नई कूटनीतिक पहल सामने आई है, जिसमें पाकिस्तान की अहम भूमिका बताई जा रही है. प्रस्ताव में होर्मूज स्ट्रेट खोलने और संघर्ष खत्म करने की बात शामिल है, लेकिन अब तक किसी अंतिम सहमति की पुष्टि नहीं हुई है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को थामने के लिए कूटनीतिक कोशिशें अब तेज हो गई हैं. लंबे समय से जारी इस संघर्ष के बीच पहली बार ऐसा संकेत मिला है कि बातचीत के जरिए हालात को संभालने की कोशिश गंभीर स्तर पर पहुंच गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें तुरंत युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात शामिल है, हालांकि इस पर अंतिम सहमति अभी बाकी है.
पाकिस्तान ने तैयार किया शांति प्रस्ताव
अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जानकार सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान ने एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसे रातोंरात अमेरिका और ईरान के साथ साझा किया गया.
इस प्रस्ताव में दो चरणों की योजना है, पहले चरण में तुरंत सीजफायर और दूसरे चरण में व्यापक समझौता. सूत्र के अनुसार, शुरुआती समझौते को एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के रूप में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिसमें पाकिस्तान ही मुख्य संपर्क माध्यम बना हुआ है.
सीजफायर के साथ खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि प्रस्ताव के मुताबिक, जैसे ही सीजफायर लागू होगा, होर्मूज स्ट्रेट फिर से खोल दिया जाएगा. इसके बाद 15 से 20 दिनों के भीतर स्थायी समाधान पर बातचीत पूरी करने की योजना है.
इस संभावित समझौते को अस्थायी तौर पर “इस्लामाबाद एकॉर्ड” नाम दिया गया है, जिसमें आगे की बातचीत इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठकर करने की बात भी शामिल है.
कौन-कौन हैं बातचीत में शामिल
Reuters के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि वह पूरी रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संपर्क में रहे.
इसके अलावा, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देश भी मध्यस्थ के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं.
ईरान की शर्तें और अनिश्चितता
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान अब भी किसी अंतिम समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि “ईरान की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.”
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ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि वह स्थायी युद्धविराम चाहता है, जिसमें यह गारंटी हो कि अमेरिका और इजरायल दोबारा हमला नहीं करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, प्रतिबंधों में राहत और फंसी हुई संपत्तियों की रिहाई जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं.