मंगलवार तक बढ़ी ट्रंप की डेडलाइन, ईरान का इनकार, कहा- ‘पहले मुआवजा, फिर खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट’
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं. ट्रंप की धमकियों और ईरान की सख्त शर्तों ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है. क्या यह टकराव बातचीत से सुलझेगा या दुनिया एक बड़े संकट की ओर बढ़ रही है, यही सवाल इस वक्त सबके मन में है.
दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति की धड़कन माने जाने वाले होर्मूज स्ट्रेट पर टकराव अब गहराता जा रहा है. अमेरिका की धमकियों और ईरान की शर्तों ने हालात को इस मुकाम पर ला खड़ा किया है, जहां कूटनीति की गुंजाइश तेजी से सिमटती दिख रही है. जारी टकराव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व आमने-सामने हैं. जहां एक ओर ट्रंप लगातार कड़े अल्टीमेटम दे रहे हैं, वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि दबाव में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा.
ट्रंप ने अपने अल्टीमेटम की बढ़ाई डेडलाइन
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया था कि वह होर्मूज स्ट्रेट को खोल दे, वरना अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा. लेकिन ट्रंप ने रविवार को पोस्ट कर खुद ही अपनी डेडलाइन को 24 घंटे बढ़ाकर, मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) तक का वक्त दे दिया. भारतीय समय के अनुसार यह बुधवार सुबह 5:30 बजे तक की मोहलत है.

ट्रंप ने अपने एक अलग पोस्ट में यहां तक कहा कि अगर ईरान ने जल्दी समझौता नहीं किया तो उसके पावर प्लांट्स और ब्रिज तबाह कर दिए जाएंगे. इसके अलावा, ट्रंप ने The Wall Street Journal, Fox News और ABC News को दिए इंटरव्यू में भी अपने रुख को दोहराया. ट्रंप इस नई डेडलाइन की पुष्टि WSJ को दिए एक इंटरव्यू में भी करते दिखें. उन्होंने कहा कि अमेरिका “बहुत मजबूत स्थिति” में है और अगर ईरान ने मंगलवार शाम तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
ईरान का कड़ा जवाब
ट्रंप के अल्टीमेटम को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के कार्यालय में कम्युनिकेशन डिप्टी मेहदी तबाताबाई ने स्पष्ट कहा कि होर्मूज स्ट्रेट तभी फिर से खोला जाएगा जब इस संघर्ष से हुए आर्थिक नुकसान की “पूरी भरपाई” की जाएगी.
तबाताबाई का यह बयान स्टेट मीडिया के माध्यम से सामने आया, जिसमें उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे “हताशा और गुस्से में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं” और उनकी नीति पूरे क्षेत्र को “पूर्ण युद्ध” की ओर धकेल रही है.
बयानबाजी से बढ़ता टकराव
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए होर्मूज स्ट्रेट खोलने की मांग की, उसे लेकर वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है. इसके जवाब में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर गालिबाफ ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रंप की नीतियां पूरे क्षेत्र को “नरक” में धकेल सकती हैं.
वहीं ईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रजा सालेही-अमिरी ने Associated Press को दिए इंटरव्यू में ट्रंप को “अस्थिर और भ्रमित” बताया और कहा कि ईरानी समाज अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेता.
होर्मूज स्ट्रेट और वैश्विक असर
फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद से ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है. होर्मूज स्ट्रेट दुनिया के तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा संभालता है, ऐसे में इसके बंद होने से कई देशों में ईंधन संकट गहराने लगा है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है.
इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा है, जहां अस्थिरता बढ़ गई है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बन रहा है.
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